प्रेम प्रकाश और अमित अग्रवाल के बारे में सील बंद लिफाफे में दें रिपोर्ट, हाई कोर्ट ने…

गौरतलब है कि झारखंड में बालू, जमीन अवैध खनन और शराब टेंडर से जुड़े घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ED की टीम को फर्जी कदमी में फसाने की साजिश रची जा रही थी

News Aroma Media
1 Min Read
#image_title
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची : झारखंड हाई कोर्ट ने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट यानी प्रवर्तन निदेशालय (ED) को यह निर्देश दिया है कि बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल (Birsa Munda Central Jail) में बंद मनी लाउंड्रिंग के आरोपियों- प्रेम प्रकाश और अमित अग्रवाल (Prem Prakash and Amit Agarwal) की सक्रियता के बारे में सील बंद लिफाफे में रिपोर्ट प्रस्तुत करें। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की बेंच ने यह निर्देश दिया है।

पूछताछ के लिए जारी किया गया है समन

गौरतलब है कि झारखंड में बालू, जमीन अवैध खनन और शराब टेंडर (Sand, land illegal Mining and Liquor Tender) से जुड़े घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही ED की टीम को फर्जी कदमी में फसाने की साजिश रची जा रही थी।

साजिश रचने में अवैध खनन और जमीन घोटाले में शामिल प्रेम प्रकाश, अमित अग्रवाल समेत कई दूसरे कैदियों की भूमिका बताई जा रही है। इसे लेकर बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में 6 नवंबर को ED ने छापेमारी की थी।

जेल के अधीक्षक जेलर और हेड क्लर्क को समान जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है इस संदर्भ में आज हेड क्लर्क (Head clerk) से पूछताछ भी हो रही है।

Share This Article