
रांची: रांची में सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला का आयोजन 1, 2 और 3 मई को ऑड्रे हाउस में होना है। इसकी तैयारी अंतिम चरण में हैं। यह आयोजन स्वदेशी और कला संस्कृति का अनूठा संगम होगा। इस बाबत बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” एवं आत्मनिर्भर भारत की प्रेरणा से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है। इस महोत्सव सह मेला में राज्य के जनजातीय और क्षेत्रीय सांस्कृतिक विधाओं का मंचन किया जाएगा। इसके साथ साथ स्वदेशी उत्पादों का आकर्षक स्टॉल भी लगाए जाएंगे। ऑड्रे हाउस परिसर में कुल 150 स्टॉल के लिए जगह निर्धारित की गई है, जो पूरी तरह से नि:शुल्क और समुचित व्यवस्था के साथ उपलब्ध होगा। इसमें सहभागिता निभाने वाले स्टॉल धारकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। स्वदेशी और श्री अन्न पर अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने की भी योजना है।
संयज सेठ ने बताया कि सांसद सांस्कृतिक महोत्सव में भारत सरकार के संगीत नाट्य कला अकादमी और संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों के विभिन्न कलाकारों भी सांस्कृतिक प्रस्तुति देंगे। अब तक 50 से अधिक स्कूल, कॉलेज की एंट्री आ चुकी है। दिन में सांस्कृतिक प्रतियोगिता होगी और सांय 6 बजे से रात्रि 10 बजे के बीच विभिन्न राज्यों के कलाकार प्रस्तुति देंगे। उन्होंने बताया कि मुख्य रूप से तीन मंचों का निर्माण किया जा रहा है। इस कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत 24 अप्रैल को ऑड्रे हाउस परिसर में शाम 4 बजे स्कूली बैंड के माध्यम से किया जाएगा।
सांसद सांस्कृतिक महोत्सव में मुख्य रूप से 7 विधाओं की प्रस्तुति होगी, जिसमें मुख्य तौर पर जनजातीय नृत्य, सामूहिक नृत्य, लघु नाटिका क्लासिकल नृत्य, पाश्चात्य सामूहिक संगीत और सामूहिक गीत की प्रस्तुति होगी; जिसका समयांतराल 5 से 15 मिनट तक तय होगा। विजेताओं को पुरस्कार और प्रोत्साहन के साथ साथ अन्य सभी प्रतिभागियों को मेडल, सर्टिफिकेट और ट्रॉफी से सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन माननीय राज्यपाल संतोष गंगवार करेंगे। समापन दिवस के मौके वाप देश के कला और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में संपन्न होगी। साथ में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, अनुराग ठाकुर, पद्मश्री मुकुंद नायक, पद्मश्री मधु मंसूरी और पद्मश्री महावीर नायक की उपस्थिति सुनिश्चित है।

