रांची में गहराया जल संकट, 154 इलाकों में टैंकर पर निर्भरता, दूषित पानी पर भी बवाल

रांची में जल संकट गहराया, 154 इलाकों में टैंकर पर निर्भरता बढ़ी, दूषित पानी की शिकायतों से लोगों में आक्रोश, गर्मी बढ़ने के साथ समस्या और गंभीर होने के संकेत

Razi Ahmad
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Ranchi Water Crisis : गर्मी बढ़ते ही रांची में जल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। शहर के 150 से अधिक इलाकों में भूजल स्तर गिरने के कारण नियमित जलापूर्ति बाधित हो गई है और लोग अब टैंकर के पानी पर निर्भर होते जा रहे हैं।

18 दिनों में तीन गुना बढ़ा संकट

नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, 8 अप्रैल तक जहां 44 स्थानों पर टैंकर से पानी पहुंचाया जा रहा था, वहीं महज 18 दिनों में यह संख्या बढ़कर 154 हो गई है। यह बढ़ती समस्या का साफ संकेत है कि राजधानी में पानी का संकट तेजी से फैल रहा है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा परेशानी

मधुकम, विद्यानगर, गंगानगर, लक्ष्मीनगर, हरमू नदी किनारा, पुंदाग, पंडरा, किशोरगंज और जालान रोड समेत कई इलाकों में पेयजल की स्थिति बेहद खराब है। कई बोरिंग सूख चुके हैं, जिससे लोगों को सुबह से ही टैंकर का इंतजार करना पड़ रहा है।

टैंकर से भी आ रहा गंदा पानी

स्थिति और गंभीर तब हो गई जब कई मोहल्लों से टैंकर द्वारा दूषित पानी सप्लाई होने की शिकायतें सामने आईं। लोगों का कहना है कि पानी मटमैला है और उसमें तेल जैसी परत दिखती है, जिससे स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ गया है।

निजाम नगर और मोती मस्जिद इलाके में लोगों ने इसको लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया।

प्रशासन हरकत में

रोशनी खलखो ने स्वीकार किया कि कई क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित है। उन्होंने टैंकरों और ट्रैक्टरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि दूषित पानी की आपूर्ति पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी और जलापूर्ति व्यवस्था को सुधारने के प्रयास तेज किए जाएंगे।

आगे और बढ़ सकती है परेशानी

नगर निगम के अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, जल संकट और गहरा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में शहरवासियों के लिए पानी सबसे बड़ी चुनौती बन सकता है।

Share This Article
रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।