
अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती ने हाल ही में अपने जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण दौर को लेकर खुलकर बात की। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद उन्हें मीडिया ट्रायल, कानूनी जांच और सोशल मीडिया पर भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। अब वर्षों बाद रिया ने उस मानसिक और भावनात्मक संघर्ष को याद करते हुए कहा कि कुछ घाव ऐसे होते हैं जो जीवनभर इंसान के साथ रहते हैं।
रिया ने कहा, “मैं आज पूरी ईमानदारी से समझ चुकी हूं कि ट्रॉमा आपको कभी पूरी तरह नहीं छोड़ता। लोग कहते हैं कि समय के साथ सब ठीक हो जाता है, लेकिन सच यह है कि वह दर्द आपकी आत्मा का हिस्सा बन जाता है। आप केवल उसके साथ जीना सीख जाते हैं।”
परिवार और दोस्तों ने दिया सबसे बड़ा सहारा
उस कठिन समय को याद करते हुए रिया ने बताया कि जब उन्हें चारों तरफ से आलोचनाओं और नफरत का सामना करना पड़ रहा था, तब मानसिक रूप से मजबूत बने रहना बेहद मुश्किल था। उन्होंने स्वीकार किया कि कई बार सुबह उठना भी उनके लिए चुनौती बन गया था।
रिया के अनुसार, उनके परिवार और करीबी दोस्तों ने इस दौर में मजबूत सहारा बनकर उनका साथ दिया। उन्होंने बताया कि थेरेपी, योग और आत्मविश्वास ने उन्हें धीरे-धीरे संभलने और आगे बढ़ने की ताकत दी।
‘चैप्टर 2’ के साथ नई शुरुआत
रिया चक्रवर्ती ने अपने नए पॉडकास्ट शो ‘चैप्टर 2’ को जीवन के नए अध्याय की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि इस मंच के जरिए वह उन लोगों की प्रेरणादायक कहानियां साझा करना चाहती हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद हार नहीं मानी।
रिया ने कहा कि अब वह अतीत की कड़वाहट में नहीं जीना चाहतीं और भविष्य की ओर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं।

