


रांची: राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में एक साथ कई योजनाओं की सौगात मिली। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने रिम्स में पांच महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके साथ ही वर्षों बाद असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए, जिससे संस्थान में चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। स्वास्थ्य मंत्री ने डिजिटल मैमोग्राफी यूनिट, सेंट्रल लेबोरेटरी, बीएसएनएल वाई-फाई, सीसीटीवी कमांड एंड कंट्रोल रूम, ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के नए ऑपरेशन थिएटर और वार्ड के अलावा ई-सुश्रुत HMIS झारखंड, ऑनलाइन पेशेंट अपॉइंटमेंट सिस्टम का शुभारंभ किया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इन नई सुविधाओं से मरीजों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी। वहीं अस्पताल की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनेगी।





रिम्स निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा ने कहा कि नई परियोजनाओं के शुरू होने से मरीजों को जांच, उपचार और पंजीकरण संबंधी सुविधाएं पहले की तुलना में अधिक आसान और तेजी से उपलब्ध होंगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने रिम्स परिसर का ई-कार्ट से निरीक्षण भी किया। उन्होंने लंबे समय बाद नियुक्त किए गए असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए उन्हें मरीजों के हित में समर्पित होकर कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 के बाद यह महत्वपूर्ण नियुक्तियां हुई हैं और आगे भी रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी रहेगी।
डिजिटल मैमोग्राफी यूनिट के शुरू होने से स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की शुरुआती चरण में जांच और पहचान आसान होगी। वहीं, पूरे परिसर में बीएसएनएल वाई-फाई नेटवर्क और सीसीटीवी आधारित कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से अस्पताल की निगरानी व डिजिटल सेवाएं मजबूत होने की उम्मीद है। रिम्स में शुरू हुई इन नई व्यवस्थाओं से मरीजों और चिकित्सकों दोनों को लाभ मिलेगा।
