रांची: रिम्स परिसर में मंगलवार 13 अक्टूबर को जैव-चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन और अग्निशमन यंत्र प्रशिक्षण पर एक विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस जागरूकता व प्रशिक्षण सत्र का आयोजन अपर चिकित्सा अधीक्षक के नेतृत्व में अस्पताल प्रबंधन विभाग के छात्रों, सीनियर रेजिडेंट्स और इंफेक्शन कंट्रोल नर्सों की संयुक्त टीम द्वारा किया गया।

कार्यशाला के दौरान इंफेक्शन कंट्रोल नर्सों और अस्पताल प्रबंधन विभाग के छात्रों ने पीले, लाल, सफेद और नीले रंग के कूड़ेदानों के सही एवं वैज्ञानिक उपयोग के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही संक्रामक कचरे के सुरक्षित पृथक्करण और उसके वैज्ञानिक निपटान की मानक प्रक्रियाओं का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया।
वहीं अग्निशमन यंत्र प्रशिक्षण के तहत सीनियर रेजिडेंट्स और सुरक्षा विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में अस्पताल के कर्मचारियों को आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के उपाय और तकनीक सिखाए गए। इस दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के अग्निशामक यंत्रों को चलाने का व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।
इस आयोजन का मुख्य जोर अस्पताल के भीतर क्रॉस-इंफेक्शन को रोकने, स्वच्छता बनाए रखने और किसी भी आकस्मिक आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया देने पर रहा। प्रशिक्षण का मूल उद्देश्य अस्पताल परिसर में मरीजों, आगंतुकों और मेडिकल स्टाफ के लिए एक सुरक्षित, स्वच्छ और आपदा-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम के समापन पर अपर चिकित्सा अधीक्षक ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता अभियानों को नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही।


