रांची: रिम्स के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान (RIO) में अचानक एसी ठप हो जाने से आंख और ईएनटी विभाग के कई ऑपरेशन टालने पड़ गए। इसके कारण इलाज के लिए पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मामले को गंभीरता से लेते हुए रिम्स प्रबंधन ने संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला किया है। रिम्स प्रबंधन ने एसी सेवा बंद करने वाली डिफॉल्टर एजेंसी के खिलाफ FIR दर्ज कराने का भी निर्णय लिया है।

रिम्स प्रबंधन के मुताबिक RIO में एसी संचालन की जिम्मेदारी SUVIDHA SHINRYO PVT. LTD. के पास थी। यह एजेंसी पहले से ऑन्कोलॉजी और सुपरस्पेशलिटी ब्लॉक में भी AC संचालन का कार्य संभाल रही है। प्रबंधन का कहना है कि एसी संचालन से जुड़े नए कार्यादेश की प्रक्रिया जारी थी। इसकी जानकारी एजेंसी को ईमेल के माध्यम से पहले ही दे दी गई थी। इसके बावजूद एजेंसी ने कथित तौर पर एसी संचालन बंद कर दिया गया। जिससे अस्पताल की जरूरी चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुईं। साथ ही ऑपरेशन तक टालने की नौबत आ गई।
घटना की सूचना मिलते ही चिकित्सा अधीक्षक संपदा पदाधिकारी, DMS-II और हॉस्पिटल मैनेजर की टीम मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान पता चला कि हाल ही में आंख और ईएनटी विभागों को RIO भवन में स्थानांतरित किया गया है। इसी वजह से एसी संचालन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी होने में कुछ समय लग रहा था। मरीजों को राहत देने के लिए रिम्स प्रबंधन ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की। इसके तहत भवन प्रमंडल संख्या-2 रांची द्वारा चयनित एजेंसी को RIO में एसी संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो वर्तमान में ट्रॉमा सेंटर में यह काम कर रही है।
RIO के संचालन की निगरानी के लिए रिम्स प्रबंधन ने नई जिम्मेदारियां भी तय की हैं। इसके तहत HOD Eye को सेंटर हेड बनाया गया है। वहीं डॉ. मुकेश कुमार नीरज (DMS-II) को एडमिन नोडल, हिरामणि सिसिलिया कुजूर को नर्सिंग नोडल और कृतिका वर्मा को हॉस्पिटल मैनेजर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रिम्स प्रबंधन ने कहा है कि मरीजों की चिकित्सा सेवाओं में किसी भी तरह की बाधा पैदा करने वाली एजेंसियों या संस्थाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


