एसआईआर का मकसद अयोग्य लोगों को मतदाता सूची से हटाना है : चौहान

शिवराज सिंह चौहान ने एसआईआर का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूची से मृत और अयोग्य लोगों के नाम हटने चाहिए, जबकि सभी योग्य नागरिकों का नाम शामिल हो।

Archana Ekka
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पणजी : केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का समर्थन करते हुए कहा कि मृत लोगों और गैर भारतीयों के नाम मतदाता सूची में नहीं रहने चाहिए। गोवा सरकार द्वारा पोंडा में आयोजित ‘सेवा की कहानी’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने एसआईआर पर उठाई जा रही आपत्तियों पर सवाल किया।
चौहान ने वहां मौजूद लोगों से सवाल किया, “अगर मतदाता सूची में कोई गलत नाम है, अगर किसी व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है, तो क्या उसका नाम मतदाता सूची में रहना चाहिए? क्या उसे हटा देना चाहिए? अगर कोई भारत का नागरिक नहीं है, तो क्या उसका नाम मतदाता सूची में रहना चाहिए?”

चौहान ने यह टिप्पणी एसआईआर को लेकर जारी राजनीतिक बहस और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के दावों के बीच आई है। निर्वाचन आयोग ने कहा है कि एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि “कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई भी अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।” केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब वह चुनाव हारती है, तो निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है, जबकि चुनाव जीतने पर वह चुनाव प्रक्रिया को स्वीकार करती है। उन्होंने कांग्रेस के ‘लोकतंत्र बचाओ’ अभियान पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने लोकतंत्र को कमजोर किया था।
चौहान ने कहा, “लोकतंत्र खतरे में नहीं है। अगर किसी ने लोकतंत्र को कुचलने का पाप किया था, तो वह कांग्रेस थी।”

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।