
Shopkeepers Upset by Barricading: काठीटांड़ चौक पर लंबे समय से लगी बैरिकेडिंग अब आम लोगों और दुकानदारों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है।
इसी के विरोध में बुधवार को Ratu Chamber of Commerce के आह्वान पर काठीटांड़ चौक के सैकड़ों दुकानदारों ने स्वैच्छिक बंद रखा और एक दिन का धरना प्रदर्शन किया।
दुकानदारों का कहना है कि Barricading से न तो जाम की समस्या खत्म हुई है और न ही ट्रैफिक व्यवस्था सुधरी है, बल्कि हालात और बिगड़ गए हैं।
“यह Traffic Control नहीं, प्रशासन की नाकामी है”
धरने के दौरान दुकानदारों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। चैम्बर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष अमित तिवारी ने कहा कि नवंबर 2022 से चौक पर बैरिकेडिंग लगी हुई है, लेकिन अब तक प्रशासन ने दुकानदारों से कोई बातचीत नहीं की।
उन्होंने बताया कि रोजाना हजारों लोग इस चौक से गुजरते हैं, फिर भी न तो गोलचक्कर बनाया गया, न ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए और न ही Traffic Police की नियमित तैनाती की गई।
व्यापार और आम जीवन पर सीधा असर
स्थानीय दुकानदार अजबूल हसन ने कहा कि बैरिकेडिंग के कारण उनका कारोबार लगभग ठप हो गया है। ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी होती है।
उन्होंने यह भी बताया कि अगर किसी मरीज को इमरजेंसी में अस्पताल ले जाना हो, तो बैरिकेडिंग की वजह से एक किलोमीटर तक घुमाकर जाना पड़ता है। इससे कीमती समय बर्बाद होता है।
छात्र और स्थानीय लोग भी परेशान
स्थानीय लोगों ने बताया कि बैरिकेडिंग के चलते स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को रोज लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।
वहीं, कई लोग मजबूरी में रॉन्ग साइड से वाहन चलाने लगे हैं, जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। दुकानदारों का कहना है कि रातु क्षेत्र में सबसे ज्यादा टैक्स देने के बावजूद उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
मंत्री का समर्थन, समाधान का भरोसा
धरना स्थल पर रक्षा राज्य मंत्री Sanjay Seth भी पहुंचे। उन्होंने दुकानदारों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि जहां जरूरत हो, वहीं बैरिकेडिंग लगनी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन से निरीक्षण करने की बात कही और आश्वासन दिया कि समाधान के लिए जितनी राशि लगेगी, वह दिलाने का प्रयास करेंगे।
15 दिन की चेतावनी और मांगें
दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि अगर 15 दिनों के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
उनकी मांगों में Barricading हटाना, वैज्ञानिक गोलचक्कर बनाना, ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, स्मार्ट सिग्नल, पैदल यात्रियों की सुविधा, भारी वाहनों को रिंग रोड से मोड़ना और प्रशासन, Traffic Police व NHAI के बीच समन्वय समिति बनाना शामिल है।
