

गंगटोक: कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए सिक्किम के आठ लोग दो दिन पहले क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के बाद तिब्बत में फंस गए। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इसने बताया कि सभी से संपर्क हो गया है और वे सुरक्षित हैं। सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसएसडीएमए) ने कहा, “आठों तीर्थयात्रियों ने 25 अगस्त को नेपाल-चीन सीमा पार की थी और तिब्बत की ओर सागा काउंटी में थे, तभी 26 अगस्त को क्षेत्र में हिमनद झील के टूटने से आई बाढ़/अचानक बाढ़ ने उनकी आवाजाही बाधित कर दी।”





एसएसडीएमए ने बताया कि मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बृहस्पतिवार को फोन पर सभी आठ तीर्थयात्रियों से बात कर उनकी सुरक्षा और कुशलक्षेम की जानकारी ली। प्राधिकरण ने कहा कि तीर्थयात्रियों के सागा काउंटी में सुरक्षित होने की सूचना मिली है, हालांकि आपदा के कारण क्षेत्र में आवाजाही अब भी प्रभावित है। एसएसडीएमए ने कहा, “पूर्वी सिक्किम के इन आठ लोगों से संपर्क किया गया और वे सुरक्षित पाए गए हैं।” इसने बताया कि राज्य सरकार ने अचानक आई बाढ़ से प्रभावित या वहां फंसे सिक्किम के निवासियों के साथ समन्वय करने, उनकी स्थिति पर नजर रखने और उन्हें सहायता मुहैया कराने के लिए एक कार्यबल का गठन किया है।
बयान में कहा गया है कि कार्यबल विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर रहा है और प्रभावित लोगों एवं उनके परिवारों के साथ संपर्क में है।
