

शाहजहांपुर (उप्र): शाहजहांपुर नगर निगम के कुछ पार्षदों का कथित तौर पर हाथ में पानी लेकर नगर निगम की ‘‘आय को आपस में बांटने की शपथ’’ लेते वीडियो सामने आने के बाद एक मनोनीत महिला पार्षद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। भाजपा से जुड़ी मनोनीत पार्षद पूनम मेहरोत्रा ने बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त को अपना इस्तीफा सौंपा। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखाई गई कथित हरकत से नगर निगम के अन्य पार्षदों की भी बदनामी हुई है। मेहरोत्रा ने कहा कि वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शाहजहांपुर के विकास के लिए काफी मेहनत की है।





उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद है कि उनके गृह जिले में पार्षद कथित तौर पर भ्रष्टाचार से हासिल ‘‘धन को आपस में बांटने के लिए हाथ में पानी लेकर शपथ’’ लेते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने वीडियो में माताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं की भावनाएं आहत हुई हैं।
यह वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर सामने आया था जिसमें कुछ पार्षद कथित तौर पर शपथ लेते दिखाई दे रहे हैं कि नगर निगम को मिलने वाली आय को सभी 60 पार्षदों में बराबर बांटा जाएगा। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा की शाहजहांपुर महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता ने वीडियो में दिखाई दे रहे 10 से अधिक पार्षदों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि वीडियो कब बनाया गया था, शपथ लेने के पीछे क्या मंशा थी और उसमें कथित अपशब्दों का इस्तेमाल क्यों किया गया। महापौर अर्चना वर्मा ने भी संबंधित पार्षदों को नोटिस जारी किया है, जबकि नगर आयुक्त सौम्या गुरुरानी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। गुरुरानी ने कहा कि कथित वीडियो नवंबर 2025 का है, जब नगर आयुक्त का पद किसी अन्य अधिकारी के पास था। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने इससे पहले कहा था कि मामले में अभी कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने भी मामले की जांच कराने और नगर निगम के कामकाज में कथित अनियमितताओं के लिए कार्रवाई करने की मांग की है।
