

रांची : पुंदाग स्थित सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में रक्षाबंधन का पावन पर्व हर्षोल्लास, आत्मीयता और सेवा भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आश्रम में रहने वाले दिव्यांग एवं निराश्रित प्रभुजनों के बीच प्रेम, स्नेह और भाईचारे का सुंदर वातावरण देखने को मिला।कार्यक्रम की शुरुआत श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर के पुजारी अरविंद पांडेय, सृष्टि पांडेय एवं श्रेष्ठ पांडेय ने सभी प्रभुजनों को विधिवत तिलक लगाकर एवं रक्षा सूत्र बांधकर की। इसके बाद सभी को मिठाइयां खिलाई गईं और रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।





आश्रम में रहने वाले प्रभुजनों के लिए विशेष रूप से स्वादिष्ट भोजन एवं विभिन्न पकवान तैयार किए गए, जिन्हें सभी को प्रेमपूर्वक परोसा गया रक्षाबंधन के अवसर पर आश्रम का वातावरण अत्यंत खुशनुमा और भावनात्मक रहा। लंबे समय से आश्रम में रह रहे निराश्रित प्रभुजनों ने इस आयोजन के माध्यम से परिवार जैसा स्नेह और अपनत्व महसूस किया। सेवा, संवेदना और मानवीय रिश्तों की भावना से ओत-प्रोत इस आयोजन ने रक्षाबंधन के वास्तविक संदेश को सार्थक किया।इस अवसर पर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने उपस्थित सभी प्रभुजनों के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया।
उन्होंने रक्षाबंधन के धार्मिक एवं सामाजिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व ही नहीं, बल्कि प्रेम, सुरक्षा, विश्वास, सेवा और मानवीय संवेदना का भी प्रतीक है। समाज में जो लोग अपने परिवार से दूर अथवा निराश्रित हैं, उन्हें अपनत्व और सम्मान देना ही इस पर्व की सच्ची भावना है।आश्रम के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में रहने वाले सभी प्रभुजनों को परिवार का सदस्य मानकर उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाता है।पर्व-त्योहारों के माध्यम से उन्हें खुशियां देने और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जाता है। रक्षाबंधन का यह आयोजन भी इसी सेवा और समर्पण की भावना का प्रतीक रहा।
