
सोनाली बेंद्रे अपनी शानदार अदाकारी और सकारात्मक सोच के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में उन्होंने वेब शो ‘राख’ के जरिए ओटीटी की दुनिया में कदम रखा है। इस सीरीज में वह एक गंभीर और भावनात्मक रूप से जटिल किरदार निभा रही हैं। हालांकि, अभिनेत्री ने खुलासा किया कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से उबरने के बाद उन्होंने लंबे समय तक ऐसे किरदारों से दूरी बनाए रखी थी, जो मानसिक रूप से भारी या नकारात्मक भावनाओं से जुड़े हों।
मानसिक शांति को दी थी प्राथमिकता
एक इंटरव्यू में सोनाली ने बताया कि कैंसर से ठीक होने के बाद उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता खुश रहना और सकारात्मक माहौल में रहना था। उन्होंने कहा, “मैं खुद को फिर से किसी डार्क जोन में नहीं धकेलना चाहती थी। उस मुश्किल दौर से बाहर निकलने के बाद मैं सिर्फ मुस्कुराना, हंसना और जिंदगी को हल्के अंदाज में जीना चाहती थी।” यही कारण था कि उन्होंने कई गंभीर और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को स्वीकार नहीं किया।
‘राख’ की कहानी ने बदला फैसला
सोनाली ने बताया कि समय के साथ वह मानसिक रूप से अधिक मजबूत हुईं और तब उन्हें ‘राख’ की कहानी ने प्रभावित किया। यह शो चर्चित रंगा-बिल्ला किडनैपिंग केस से प्रेरित है। इसमें वह एक ऐसी मां की भूमिका निभा रही हैं, जो अपने बच्चे के लिए न्याय की लड़ाई लड़ती है। अभिनेत्री के अनुसार, यह किरदार बेहद गहरा और भावनात्मक है, लेकिन इसे निभाना उनके लिए एक तरह की थेरेपी साबित हुआ। उन्होंने कहा कि इस भूमिका ने उन्हें अपने भीतर की भावनाओं को समझने और व्यक्त करने का अवसर दिया।

