
नई दिल्ली : सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल से अपनी पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो के माध्यम से भेजे गए हस्तलिखित संदेश में 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को “भारत का दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन” बताया।
उन्होंने लिखा, “20 जुलाई। भारत का दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन। अन्याय से आजादी (जैसे पेपर लीक), डर से आजादी (मेरी कथित अवैध हिरासत)। संसद की ओर मार्च करें और इसे बड़ी सफलता बनाएं।” यह संदेश उनके आधिकारिक एक्स व फेसबुक पेज पर भी साझा किया गया। बता दें, जंतर मंतर पर भूखहड़ताल पर बैठे वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस उठाकर ले गई थी। इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने मोर्चा संभाला और भूखहड़ताल पर बैठे हैं।
इस बीच, उत्तर प्रदेश के नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चंद्रशेखर आजाद रविवार तड़के करीब 2:30 बजे अपने लगभग 50 समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे। बताया गया कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सीजेपी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को भी सोनम वांगचुक की तरह हिरासत में न लिया जाए।
सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक
वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में आवश्यक चिकित्सा देखभाल दी जा रही है। अस्पताल ने रविवार को जारी स्वास्थ्य बुलेटिन में बताया कि उनकी जीवन रक्षक (वाइटल) संकेतक फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन लंबे समय से जारी भूख हड़ताल के कारण उनके रक्त संबंधी कुछ मानकों में हल्का बदलाव देखा गया है। विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।
अस्पताल के अनुसार, लंबे उपवास के कारण शरीर पर पड़ रहे शारीरिक और प्रणालीगत प्रभावों को देखते हुए वांगचुक को निरंतर चिकित्सा देखभाल और 24 घंटे निगरानी की आवश्यकता है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति और रक्त संबंधी मानकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

