नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) वाई के सभरवाल के दो कारोबारी बेटों के खिलाफ आयकर आकलन का रास्ता साफ कर दिया है। यह मामला 2010 में दिल्ली के सिकंदरा रोड स्थित एक प्रमुख संपत्ति की खरीद के लिए धन जुटाने वाले शेयर लेनदेन से संबंधित है।

न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन की पीठ ने चेतन और नितिन सभरवाल की ओर से दायर चार अपील खारिज कर दीं। इसके साथ ही पीठ ने आकलन वर्ष 2008-09 और 2009-10 के लिए जारी आयकर पुन: आकलन नोटिस को बरकरार रखा।



