न्यायालय ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने वाले आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को 'महाप्रभु जगन्नाथ' फिल्म की रिलीज पर लगी रोक के खिलाफ याचिका सुनेगा। ओडिशा हाईकोर्ट ने धार्मिक आपत्तियों के आधार पर अंतरिम रोक लगाई है।

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नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें ओडिशा उच्च न्यायालय के उस अंतरिम आदेश को चुनौती दी गई है, जिसके तहत एले एनिमेशंस प्राइवेट लिमिटेड को अपनी एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ रिलीज करने से रोक दिया गया है। यह फिल्म 17 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी। भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत की शीघ्र सुनवाई के अनुरोध पर गौर किया।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को ही करने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने कहा कि इस पर शुक्रवार को सुनवाई की जाएगी। ओडिशा उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि फिल्म में भगवान जगन्नाथ के चित्रण को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर गहन न्यायिक समीक्षा आवश्यक है इसलिए, जब तक इन आपत्तियों की विस्तार से जांच नहीं हो जाती, तब तक फिल्म का प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। उच्च न्यायालय की पीठ ने यह अंतरिम आदेश अंगुल निवासी महेश कुमार साहू, पुरी के डॉ. प्रमोद कुमार आचार्य और निमापाड़ा के उमाशंकर आचार्य द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया था। याचिका में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा फिल्म को दिए गए प्रमाणपत्र को रद्द करने और ओडिशा में फिल्म के सार्वजनिक प्रदर्शन पर रोक लगाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ताओं ने फिल्म में भगवान जगन्नाथ के बचपन, संवाद, साहसिक घटनाओं और युद्ध संबंधी दृश्यों को काल्पनिक रूप में दिखाए जाने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि यह चित्रण स्कंद पुराण, ब्रह्म पुराण तथा श्री जगन्नाथ मंदिर की सदियों पुरानी धार्मिक परंपराओं के विपरीत है।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।