न्यायालय ने व्यभिचार के आरोपी पति की निजता के अधिकार की दलील खारिज करने का फैसला बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखते हुए कहा कि पत्नी व्यभिचार के आरोप साबित करने के लिए पति के कॉल रिकॉर्ड और होटल बुकिंग जैसे साक्ष्य जुटा सकती है

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नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें कहा गया था कि पत्नी अपने पति पर लगाए गए व्यभिचार के आरोप को साबित करने के लिए उसके फोन कॉल विवरण रिकॉर्ड (सीडीआर) और होटल की बुकिंग संबंधी जानकारी जैसे साक्ष्य जुटाने में अदालत की सहायता मांग सकती है।
न्यायमूर्ति मनमोहन और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने एक व्यक्ति द्वारा उच्च न्यायालय के 10 मई 2023 के आदेश के खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी।

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विनीता चौबे को 10 साल का अनुभव है। उन्होनें सन्मार्ग से पत्रकारिता की शुरुआत की थी। फिर न्यूज विंग, बाइस स्कोप, द न्यूज पोस्ट में भी काम किया। वे राजनीति, अपराध, सामाजिक मुद्दों और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरों को सरल और तथ्यात्मक भाषा में पाठकों तक पहुंचाने के लिए जानी जाती हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए उनका प्रयास रहता है कि जमीनी स्तर की महत्वपूर्ण खबरों को सही और विश्वसनीय जानकारी के साथ लोगों तक पहुंचाया जाए।