नयी दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने बुधवार को कहा कि सरकार को 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने के किसी भी प्रस्ताव पर पुनर्विचार करना चाहिए। मंच ने कहा कि लेनदेन से जुड़ी लागत को देखते हुए ऐसा कदम उचित नहीं है।

यह टिप्पणी सरकार की उस घोषणा के एक दिन बाद आई है, जिसमें 15 अक्टूबर से यूपीआई के माध्यम से 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने की बात कही गई है, जबकि आम लोगों के बीच होने वाले रोजमर्रा के लेनदेन और छोटे भुगतानों को किसी भी शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।



