यूपीआई ने बैंकों की लेनदेन लागत कम की है, एमडीआर का कोई आधार नहीं : एसजेएम के अश्वनी महाजन

Archana Ekka
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नयी दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध स्वदेशी जागरण मंच (एसजेएम) ने बुधवार को कहा कि सरकार को 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने के किसी भी प्रस्ताव पर पुनर्विचार करना चाहिए। मंच ने कहा कि लेनदेन से जुड़ी लागत को देखते हुए ऐसा कदम उचित नहीं है।

यह टिप्पणी सरकार की उस घोषणा के एक दिन बाद आई है, जिसमें 15 अक्टूबर से यूपीआई के माध्यम से 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगाने की बात कही गई है, जबकि आम लोगों के बीच होने वाले रोजमर्रा के लेनदेन और छोटे भुगतानों को किसी भी शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।