नयी दिल्ली: टाटा ट्रस्ट्स ने एन चंद्रशेखरन को फिर से चेयरमैन नियुक्त करने के टाटा संस के 17 सितंबर के फैसले की वैधता को चुनौती दी है। टाटा ट्रस्ट्स ने तर्क दिया कि कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन (एओए) के तहत ट्रस्ट द्वारा नामित निदेशकों के बहुमत का समर्थन अनिवार्य है और चेयरमैन का निर्णायक मत इस शर्त को दरकिनार नहीं कर सकता।
देश के सबसे बड़े औद्योगिक समूह के निदेशक मंडल में यह विवाद पिछले सप्ताह उस समय गहरा गया, जब टाटा संस के निदेशकों ने कार्यकारी चेयरमैन के रूप में चंद्रशेखरन के नए कार्यकाल को मंजूरी दे दी। इस मतदान को समूह के सबसे बड़े शेयरधारक ने अवैध करार दिया है।


