
Tejashwi Yadav Statement: नीतीश कुमार के राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेते ही सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह फैसला उन्होंने अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव में लिया है।
दिल्ली स्थित संसद भवन में शपथ ग्रहण के तुरंत बाद तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अगर नीतीश कुमार की ऐसी कोई मंशा होती, तो मुख्यमंत्री बनने के कुछ ही महीनों के भीतर वे राज्यसभा जाने का निर्णय क्यों लेते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा माहौल बनाया जा रहा है मानो उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली हो।
इस दौरान तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री के कथित अपमान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन में जब मुख्यमंत्री बोलने खड़े होते हैं, तो बीच में ही कार्यवाही स्थगित कर दी जाती है या बिजली काट दी जाती है, जो उनकी गरिमा के खिलाफ है।
इसके साथ ही उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। तेजस्वी ने कहा कि राज्य में अपराध चरम पर है और स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह सिर्फ अपनी सत्ता बचाने में लगी है और जनता की समस्याओं से उसे कोई सरोकार नहीं है।
वहीं, अपनी सैलरी को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि जैसे ही उन्होंने मीडिया में इस मुद्दे को उठाया, उनकी रुकी हुई सैलरी अगले ही दिन जारी कर दी गई।

