Latest NewsUncategorizedबंगाल में बम बनाने की फैक्ट्री के बारे में जानिए गृहमंत्रालय ने...

बंगाल में बम बनाने की फैक्ट्री के बारे में जानिए गृहमंत्रालय ने क्या दिया जवाब

Published on

spot_img
spot_img
spot_img

नई दिल्ली: गृहमंत्रालय ने आरटीआई एक्टिविस्ट साकेत गोखले के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने बंगाल में बम बनाने की फैक्ट्री के बारे में गृहमंत्रालय के पास कोई जानकारी न होने की बात कही थी।

गृहमंत्रालय ने कहा है कि न मंत्रालय को ऐसा कोई सवाल मिला और न ही कोई जवाब दिया गया।

गृहमंत्रालय ने कहा है कि एक्टिविस्ट ने दुर्भावनापूर्ण इरादों से झूठी बात सोशल मीडिया पर फैलाई। गृहमंत्रालय के जवाब के बाद भाजपा ने साकेत गोखले पर कांग्रेस और राहुल गांधी का करीबी होने का आरोप लगाते हुए हमला बोला है। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में गोखले के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।

भाजपा के आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने कहा, राहुल गांधी के करीबी और विपक्षी दलों के लिए काम करने वाले स्वघोषित एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने गृहमंत्री के बयान पर सवाल उठाने के लिए जानबूझकर गृहमंत्रालय के जवाब को किसी दूसरे सवाल के साथ पेश कर दिया।

अमित मालवीय ने एक टीवी चैनल के स्टिंग वीडियो को पेश करते हुए कहा कि बंगाल में बम बनाने की फैक्ट्री के बारे में जानकारी के लिए कांग्रेस और टीएमसी को आरटीआई डालने की जानकारी नहीं है।

दरअसल, मीडिया में साकेत गोखले के ट्वीट के हवाले से कुछ रिपोर्ट आई थीं, जिसमें दावा किया गया था कि गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि बंगाल में बम बनाने की फैक्ट्रियां हैं, लेकिन गृहमंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है कि उसे ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है।

गृहमंत्रलय ने गोखले के दावे को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने दुर्भावनापूर्ण इरादे से ट्वीट करत हुए तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया।

गृहमंत्रालय के मुताबिक,उसने साकेत गोखले की तरफ से 12 जनवरी 2021 को दो ऑनलाइन आरटीआई अप्लीकेशन रिसीव की।

गोखले ने दोनों आवेदनों में किसान आंदोलन में खालिस्तानी संगठनों की भागीदारी से संबंधित तीन विशिष्ट बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी।

गृहमंत्रालय ने 12 जनवरी की इस आरटीआई अर्जी का तीन मार्च को जवाब दिया। लेकिन, नौ मार्च 2021 को किए अपने ट्वीट में साकेत गोखले ने इस जवाब को गलत संदर्भ के साथ पेश किया। गोखले ने खालिस्तानी संगठनों से जुड़े सवाल के जवाब को बंगाल की बम फैक्ट्री के सवाल से जोड़ दिया।

गृहमंत्रालय के मुताबिक, साकेत गोखले ने मंत्रालय के केंद्रीय जनसूचना अधिकारी के उत्तर की प्रति को 18 अक्टूबर 2020 तिथि के दूसरे विषय के एक अलग आरटीआई आवेदन के साथ जोड़ा।

इस तिथि के आवेदन को न तो गृहमंत्रालय के सूचना अधिकारी ने प्राप्त किया था और न ही उत्तर दिया था। जबकि गृहमंत्रालय के जनसूचना अधिकारी ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि संबंधित जवाब 12 जनवरी की आरटीआई के संबंध में है।

गृहमंत्रालय ने कहा है कि एक गलत मकसद और दुर्भावनापूर्ण इरादे के साथ गोखले ने अपने ट्वीट मे जानबूझकर गलत जानकारी पेश की।

spot_img

Latest articles

विशेष शिक्षक नियुक्ति नियमावली पर सवाल, हाईकोर्ट में सुनवाई जारी

Special Teacher Appointment Rules : रांची में विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संवर्ग की नियुक्ति...

ILS को लेकर छात्रों का विरोध, हाईकोर्ट तक पहुँचा मामला

Students Protest Against ILS : रांची स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (ILS) को लेकर...

पुराने वोटर लिस्ट पर नगर निकाय चुनाव को लेकर सवाल, मतदाताओं के अधिकार पर चिंता

Questions on Voter List Regarding Municipal Elections : रांची में नगर निकाय चुनाव को...

डॉक्टर्स वाइव्स एसोसिएशन की जनरल बॉडी मीटिंग संपन्न, रेणु तिवारी अध्यक्ष और श्वेता रंजन सचिव बनीं

रांची। डॉक्टर्स वाइव्स एसोसिएशन (DWA) की नई कार्यकारिणी गठित कर ली गई है। 28...

खबरें और भी हैं...

विशेष शिक्षक नियुक्ति नियमावली पर सवाल, हाईकोर्ट में सुनवाई जारी

Special Teacher Appointment Rules : रांची में विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संवर्ग की नियुक्ति...

ILS को लेकर छात्रों का विरोध, हाईकोर्ट तक पहुँचा मामला

Students Protest Against ILS : रांची स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज (ILS) को लेकर...