Latest NewsUncategorizedकाशी से 100 साल पहले चोरी हुई थी मां अन्नपूर्णा की मूर्ति

काशी से 100 साल पहले चोरी हुई थी मां अन्नपूर्णा की मूर्ति

Published on

spot_img
spot_img
spot_img

लखनऊ: बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी से 100 साल पहले चोरी हो गयी माता अन्नपूर्णा देवी की मूर्ति कानाडा से लाकर पुन: प्राण प्रतिष्ठित की जाएगी। मूर्ति केन्द्र सरकार के पास पहुंच गयी है।

आगामी 11 नवंबर को केन्द्र सरकार यह मूर्ति उत्तर प्रदेश सरकार को देगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार भव्य शोभा यात्रा निकालकर उन्हें काशी लाएगी और 15 नवंबर को पुन: प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पांच कालिदास मार्ग पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से भारत के विरासत को वैश्विक मंच पर स्थान मिला है।

आज दुनिया के अंदर 21 जून की तिथि को विश्व योग दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। 200 से अधिक देश इस आयोजन के सहभागी बनते हैं। इसी प्रकार प्रयागराज कुंभ को वैश्विक मान्यता प्राप्त हुई है। सदी की सबसे बड़ी महामारी के दौरान आयुष को जो मान्यता मिली है, खासकर आयुर्वेद को, वह भी प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से संभव हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबके लिए प्रसन्नता का क्षण है कि दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी हमारी सांस्कृतिक नगरी के रूप में विख्यात आध्यात्मिक नगरी काशी से 100 वर्ष पहले मां अन्नपूर्णा की मूर्ति कनाडा चली गई थी। काशी में बाबा विश्वनाथ का पावन धाम है।

बाबा विश्वनाथ मंदिर और मां अन्नपूर्णा का परस्पर संवाद इस प्रकार का है, कहते हैं कि बाबा विश्वनाथ जी को अन्य ग्रहण कराने का काम मां अन्नपूर्णा करती हैं। इसलिए वहां पर आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु वहां प्रसाद ग्रहण करता है। लेकिन 100 वर्ष पहले काशी से मां अन्नपूर्णा की यह मूर्ति चोरी हुई थी।

यह मूर्ति यहां से अलग-अलग हाथों में पहुंचते-पहुंचते कनाडा के विश्वविद्यालय में पहुंची। कनाडा के उस विश्वविद्यालय से मूर्ति भारत सरकार को प्राप्त हो चुकी है। अब प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से यह मूर्ति उत्तर प्रदेश शासन को प्राप्त हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी के इस योगदान के लिए मैं उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उप्र सरकार 11 नवंबर को दिल्ली में यह मूर्ति प्राप्त करेगी। उत्तर प्रदेश के मंत्रीगण वहां उपस्थित होंगे। 11 नवंबर की तिथि को गोपा अष्टमी भी है। गोपाष्टमी के दिन मां अन्नपूर्णा की मूर्ति को प्राप्त करना सौभाग्य का विषय है।

वहां से शोभायात्रा निकालकर काशी लाएंगे। गाजियाबाद, अलीगढ़ होते हुए शूकर क्षेत्र में रात्रि विश्राम होगा। फिर एटा, कन्नौज समेत अन्य जिले से होते हुए कानपुर नगर में रात्रि विश्राम होगा। वहां पर तपेश्वरी देवी मंदिर पटकापुर में इस मूर्ति को रखा जाएगा।

13 नवंबर को कानपुर नगर से चलकर उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी होते हुए अयोध्या राम जन्म भूमि पहुंचेगी। अयोध्या में ही रात को शोभा यात्रा रुकेगी। 14 नवंबर को सुल्तानपुर, प्रतापगढ़ होते हुए काशी पहुंचेगी। यह पूरी यात्रा चार दिन की होगी।

बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश राणा और पर्यटन संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी के नेतृत्व में दल दिल्ली जाएगा। वहां पर मूर्ति प्राप्त करेगा। यात्रा के साथ अलग-अलग जिले में वहां के प्रभारी मंत्री मूर्ति की अगवानी करेंगे। यह क्रम 11 नवंबर से शुरू होगा।

स्वाभाविक रूप से एक लंबी दूरी तय करते हुए 14 नवंबर को अपराह्न यह भारत की अमूल्य धरोहर मां अन्नपूर्णा की मूर्ति काशी पहुंचेगी। 15 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के अवसर पर काशी में बाबा विश्वनाथ धाम में इस मूर्ति की स्थापना की जाएगी।

अन्य देशों में मौजूद मूर्तियों को भी लाने का हो रहा प्रयास

केन्द्रीय पर्यटन संस्कृति मंत्री जय किशन रेड्डी ने कहा कि आज गर्व की बात है कि कनाडा से माता अन्नपूर्णा जी की मूर्ति प्राप्त हुई है। कनाडा के वेजिला विश्वविद्यालय के आर्ट गैलरी में इस मूर्ति को पहचानी गयी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री से बातचीत करके वापस देने के लिए अपील की। इस पर कनाडा सरकार राजी हुई। 15 अक्टूबर को दिल्ली सांस्कृतिक मंत्रालय में पहुंची है। यह मूर्ति उत्तर प्रदेश वाराणसी से ले गये थे। इसलिए यह मूर्ति उत्तर प्रदेश सरकार को दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह आदरपूर्वक मूर्ति को काशी तक लाएंगे। चार दिवसीय यात्रा के दौरान विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार 100 से अधिक मूर्तियां, पेंटिंग व अन्य चीजें विदेशों में चिन्हित की गयी हैं जिसे वापस भारत लाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने अमेरिका से बात की है।

वहां से भी 100 से ज्यादा मूर्तियां लाने का प्रयास किया जा रहा है। सिंगापुर समेत अन्य देशों में इस प्रकार से हमारे यहां की मूर्तियां हैं। अंग्रेजी हुकूमत के दौरान मूर्तियां यहां से किसी भी माध्यम से अन्य देशों में पहुंच गयी हैं। उन्हें लाया जाएगा।

spot_img

Latest articles

मृत’ घोषित हाेने पर मै जिंदा हूं का तख्ती लिए काट रहे हैं सरकार दफ्तर के चक्कर

Forced to Visit Government Offices : मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड से सरकारी तंत्र...

इंडिया AI एक्सपो में बिहार सरकार के साथ 468 करोड़ का एमओयू

468 crore MoU Signed with Bihar Government at India AI Expo : नई दिल्ली...

राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था फेल!, पुलिस की गश्त गायब

Security Fails in capital Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों बढ़ते अपराध...

हेमंत सोरेन की अगुवाई में बजट सत्र की तैयारियों पर मंथन, विधानसभा संचालन पर जोर

Budget Session Preparations : झारखंड विधानसभा के षष्ठम सत्र के पंचम (बजट) सत्र, जो...

खबरें और भी हैं...

मृत’ घोषित हाेने पर मै जिंदा हूं का तख्ती लिए काट रहे हैं सरकार दफ्तर के चक्कर

Forced to Visit Government Offices : मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड से सरकारी तंत्र...

राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था फेल!, पुलिस की गश्त गायब

Security Fails in capital Ranchi : झारखंड की राजधानी रांची इन दिनों बढ़ते अपराध...