अयोध्या में जीवंत हुआ त्रेता युग, 12 लाख दीयों से जगमग हुई रामनगरी

आकाश से पुष्प वर्षा होने लगी और समूचा क्षेत्र जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा

अयोध्या: दीपावली से एक दिन पहले ही रामनगरी अयोध्या में त्रेता युग जीवंत हो गया है। प्रभु श्रीराम के स्वागत में करीब 12 लाख मिट्टी के दीयों से समूची अवध नगरी जगमग हो उठी है।

पांचवें दीपोत्सव पर योगी सरकार अपने स्वयं के रिकॉर्ड को तोड़ बुधवार को नया विश्व कीर्तिमान बनाया। इसके लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की एक टीम अयोध्या में मौजूद रही।

पवित्र सरयू तट पर आज अपराह्न करीब तीन बजे जैसे ही पुष्पक विमान के प्रतीक स्वरुप हेलीकाप्टर से प्रभु श्रीराम, मां सीता और लक्ष्मण के साथ उतरे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी आगवानी की, राम नगरी में त्रेता युग जीवंत हो उठा।

आकाश से पुष्प वर्षा होने लगी और समूचा क्षेत्र जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इसके बाद भगवान श्रीराम, मां सीता और लक्ष्मण के साथ रथ से रामकथा पार्क पहुंचे जहां मुख्यमंत्री योगी ने गुरु वशिष्ठ की भूमिका में श्रीराम को तिलक लगाकर उनका राज्याभिषेक किया।

तिलक के बाद रामराज्य की परिकल्पना में मुख्यमंत्री योगी ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री किशन रेड्डी और अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों की उपस्थिति में लोकहित की घोषणा भी कर दी। उन्होंने प्रदेश के करीब 15 करोड़ गरीबों को होली तक हर माह निःशुल्क राशन देने का ऐलान किया।

वहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस अवसर पर श्रीराम जन्मभूमि की ओर जाने वाले तीन मार्गों को विश्व हिन्दू परिषद के वर्षों तक अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे अशोक सिंघल, पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और बलिदानी कारसेवक के नाम पर बनाने की घोषणा की।

झांकियों ने भी कराया त्रेता युग का अहसास

दीपपर्व के अवसर पर आज पूर्वाह्न में साकेत महाविद्यालय से भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा और जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया।

शोभा यात्रा में शामिल झांकियां त्रेतायुगीन प्रसंगों को जीवंत कर रही थीं। दीपोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा मध्यप्रदेश, झारखंड, हरियाणा और पंजाब समेत कई राज्यों के कलाकारों ने लोक संस्कृति का प्रदर्शन किया।

इसके अलावा लंका विजय के बाद प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की खुशी में समूची अयोध्या में चहुंओर उल्लास का माहौल है। राम नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया है।

अपने राम के स्वागत में चारों तरफ तोरण द्वार सजाये गये हैं। लेजर शो के अद्भुत नजारा ने लोगों को अलौकिक अयोध्या का दर्शन कराया।

अयोध्या में 2017 से आयोजित हो रहा दीपोत्सव

उप्र का मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में पहली बार वर्ष 2017 में दीपोत्सव का आयोजन किया। उस समय नौ घाटों पर एक लाख 87 हजार 213 दीपक जलाये गये थे।

हालांकि, कुछ तकनीकी कमियों के चलते पहला दीपोत्सव गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज नहीं हो सका था, लेकिन दूसरे दीपोत्सव में यह कमी दूर हुई और वर्ष 2018 में 14 घाटों पर तीन लाख एक हजार 152 दीये जलाने का दीपोत्सव विश्व कीर्तिमान में दर्ज हुआ।

इसके बाद वर्ष 2019 में चार लाख चार हजार 26 दीये जलाये गये और यह दीपोत्सव भी बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ।पिछले साल कोरोना काल होते हुए भी दीपोत्सव मना और छह लाख छह हजार 569 दीपक जलाने का रिकार्ड बना। अयोध्या ने आज पांचवें दीपोत्सव पर अपने पुराने रिकार्ड को तोड़ते हुए करीब नौ लाख दीपक जलाने का नया विश्व कीर्तिमान बनाया।

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