

नई दिल्ली : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को दावा किया कि अमेरिका ने वेनेजुएला के करीब 65 अरब बैरल तेल भंडार पर नियंत्रण हासिल करने के लिए एक समझौता किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस समझौते की घोषणा करते हुए इसे दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा तेल सौदा बताया। ट्रंप के मुताबिक, समझौते को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो, रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज के बीच बातचीत हुई थी। हालांकि, समझौते की शर्तों और इसके क्रियान्वयन के तरीके के बारे में तत्काल विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।





वेनेजुएला सरकार के प्रेस कार्यालय से इस संबंध में प्रतिक्रिया मांगी गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। वहीं, व्हाइट हाउस ने भी समझौते में शामिल निजी क्षेत्र के साझेदारों के बारे में पूछे गए सवालों पर तत्काल कोई जानकारी नहीं दी। ट्रंप ने शुक्रवार शाम सोशल मीडिया पर संकेत दिया कि वेनेजुएला के साथ हुआ समझौता निजी क्षेत्र की भागीदारी वाली व्यवस्था का हिस्सा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि निजी कंपनियां किस तरह इस समझौते में शामिल होंगी और वेनेजुएला के तेल भंडार पर अमेरिकी नियंत्रण किस स्वरूप में होगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि इस समझौते से वेनेजुएला में करीब 100 अरब अमेरिकी डॉलर के निजी निवेश का रास्ता खुलेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि इससे अमेरिका में गैस की कीमतों में कमी लाने में मदद मिलेगी। रूबियो ने समझौते को अमेरिकी और वेनेजुएला के लोगों, दोनों के लिए बड़ी जीत बताया। यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और वेनेजुएला के संबंधों में लंबे समय से तनाव बना हुआ है। ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर अमेरिका लाने और उनके खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े संघीय आरोपों में मुकदमा चलाने की कार्रवाई के करीब नौ महीने बाद इस तेल समझौते की घोषणा सामने आई है।
