लंदन : ब्रिटेन में ऑनलाइन गैर-कानूनी आव्रजन सेवाओं के विज्ञापन से जुड़े नए सीमा सुरक्षा कानून के तहत पहला मामला 24 वर्षीय एक भारतीय नागरिक के खिलाफ दर्ज किया गया है। इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स में रहने वाला प्रवासी हेमराज बुधवार को बर्मिंघम मजिस्ट्रेट अदालत में पेश हुआ। हेमराज पर ब्रिटेन की ‘नेशनल क्राइम एजेंसी’ (एनसीए) और वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस की जांच के बाद आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने मंगलवार को राज को गिरफ़्तार किया।
एनसीए ने बताया, ‘‘हेमराज की गिरफ़्तारी सोशल मीडिया पर उन पोस्ट के मिलने के बाद हुई, जिनमें कथित तौर पर फर्जी वीजा और शरण के आवेदनों के लिए सलाह दी जा रही थी।’’ उसने कहा, ‘‘बाद में हेमराज को सीमा सुरक्षा, शरण और आव्रजन अधिनियम 2025 के तहत गैर-कानूनी आव्रजन सेवाओं का विज्ञापन करने का आरोप लगाया गया… नए अधिनियम के तहत किसी पर आरोप लगाए जाने का यह पहला मामला है।’’ हेमराज पर ब्रिटेन के आव्रजन और शरण अधिनियम, 1999 का उल्लंघन करते हुए गैर-कानूनी तरीके से आव्रजन संबंधी सलाह देने का भी आरोप है।
एनसीए के ब्रांच कमांडर केविन ब्रॉडहेड ने कहा, ‘‘संगठित आव्रजन अपराध से निपटना नेशनल क्राइम एजेंसी के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हम इसमें शामिल लोगों को रोकने और उनके नेटवर्क को तोड़ने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसमें उन लोगों को निशाना बनाना भी शामिल है जो ऑनलाइन मंचों का इस्तेमाल करके अपराध में मदद देते हैं।’’


