


सेंट्रल कमांड ने साझा किया सैन्य अभियान का वीडियो
नई दिल्ली: यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है, जिसमें बी-1बी लांसर बॉम्बर मध्य पूर्व के आसमान में उड़ान भरते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया गया है कि यह उड़ान “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” का हिस्सा है। यह अभियान ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा चलाया जा रहा संयुक्त सैन्य अभियान माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में लंबी दूरी के ये शक्तिशाली बॉम्बर मिशन पर उड़ते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार अमेरिका ईरान के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक संसाधनों को निशाना बनाते हुए हवाई अभियान जारी रखे हुए है।





फरवरी के अंत में शुरू हुआ ऑपरेशन
बताया जाता है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरुआत फरवरी के अंत में हुई थी। उस समय अमेरिका और इजरायल की सेनाओं ने मिलकर ईरान के कई हिस्सों में समन्वित हमले किए थे। इस अभियान के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु की खबर भी सामने आई थी। इसके बाद से खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कारण अमेरिका ने अपनी हवाई और नौसैनिक ताकत को पूरे क्षेत्र में तैनात कर दिया है। सेंट्रल कमांड ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि बी-1बी लांसर ने ऑपरेशन के समर्थन में उड़ान भरी है। यह विमान लगभग 75,000 पाउंड तक का पेलोड ले जाने की क्षमता रखता है।
क्यों खास है बी-1बी लांसर बॉम्बर
बी-1बी लांसर को “Bone” के नाम से भी जाना जाता है। यह एक लंबी दूरी का मल्टी-मिशन सुपरसोनिक बॉम्बर है, जो साल 1985 से यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स का हिस्सा है। शुरुआत में इसे परमाणु हथियार ले जाने के लिए बनाया गया था, लेकिन 1990 के दशक में इसे पारंपरिक हमलों के लिए इस्तेमाल करने के अनुसार बदल दिया गया।
बेहद शक्तिशाली और आधुनिक तकनीक से लैस
यह विमान करीब 34,000 किलोग्राम तक हथियार ले जा सकता है, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े पेलोड क्षमता वाले विमानों में शामिल करता है। इसकी अधिकतम गति लगभग मैक 1.2 तक पहुंच सकती है, जिससे यह तेजी से दुश्मन के क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है। इसका खास स्विंग-विंग डिजाइन उड़ान के दौरान पंखों की स्थिति बदलने की सुविधा देता है। साथ ही यह हवा में ईंधन भरने की क्षमता के कारण लंबे समय तक मिशन पर बना रह सकता है।
बी-1बी लांसर को अफगानिस्तान, इराक और सीरिया जैसे कई युद्ध क्षेत्रों में पहले भी इस्तेमाल किया जा चुका है, जहां इसकी ताकत और लंबी दूरी की क्षमता ने इसे अहम सैन्य विमान बना दिया है।
