ज्ञानेश कुमार ने भाजपा के ‘एजेंट’ की तरह काम किया : वी. डी. सतीशन

Archana Ekka
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तिरुवनंतपुरम : केरलम के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने रविवार को आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘‘एजेंट’’ की तरह काम किया और ‘‘भारतीय लोकतंत्र को मौत की सजा सुना दी।’’ सतीशन ने कहा कि कुमार को अब पद पर नहीं रहना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने फेसबुक और ‘एक्स’ पर साझा किए गए पोस्ट में कहा कि केरलम के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के बारे में जो दावे किए हैं, वे बेहद गंभीर हैं। खबरों के अनुसार, थॉमसन ने दावा किया है कि कुमार ने 2016 में उन्हें उस समय भाजपा में शामिल होने के लिए कहा था, जब वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी के रूप में कार्यरत थे।

सतीशन ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘यह साबित करने के लिए अब किसी और सबूत की जरूरत नहीं है कि ज्ञानेश कुमार ने भाजपा के एजेंट की तरह काम किया। अब यह स्पष्ट है कि उन्होंने भाजपा की ओर से लोकतंत्र को कमजोर करने वाले व्यक्ति के रूप में काम किया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता भाजपा के लिए दांव पर लगाने वाले कुमार को इतिहास उस व्यक्ति के तौर पर याद रखेगा जिसने भारतीय लोकतंत्र को मौत की सज़ा सुनाई।’’

मुख्यमंत्री ने कुमार पर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक पर रहकर ‘‘लोकतंत्र को कमजोर करने’’ का आरोप लगाया और कहा कि उन्हें अब मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान चुनाव प्रक्रिया की शुचिता और पवित्रता पर जोर देता है। सतीशन ने कुमार पर ‘‘आपराधिक मानसिकता’’ रखने और पूरी तरह स्वतंत्र रूप से काम करने के लिए बनाए गए निर्वाचन आयोग को ‘‘संघ परिवार के अस्तबल से बांध देने’’ का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘इस पद पर उनका बने रहना भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है। कुमार ने निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता, ईमानदारी, निष्पक्षता और उसकी उच्च लोकतांत्रिक भावना को नष्ट कर दिया है।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले जो कुछ कहा था, वह अब सही साबित हो गया है। कुमार ने निर्वाचन आयोग को भाजपा के साथ मिलीभगत करके काम करने वाली संस्था बना दिया है और उनका पद पर बने रहना भारतीय लोकतंत्र की छवि को और धूमिल करेगा।’’

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।