
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में गुरुवार को बड़े पैमाने पर मतदान जारी है। इस चरण में राज्य के 16 जिलों की 152 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, जहां कुल 1,478 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। चुनाव आयोग ने इसके लिए 44 हजार से ज्यादा बूथ बनाए हैं, जिनमें से कई को संवेदनशील घोषित किया गया है। करीब 3.60 करोड़ मतदाता आज अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच माना जा रहा है। हालांकि, मतदान के दौरान कुछ इलाकों से हिंसा और तकनीकी गड़बड़ियों की खबरों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शांतिपूर्ण मतदान कराने की कोशिश जारी है।
कई जिलों में दिखा वोटिंग का जोश
सुबह से ही कई जिलों में मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोग उत्साह के साथ अपने वोट डालने पहुंचे। सुबह 9 बजे तक राज्य में कुल 18.76% मतदान दर्ज किया गया। अगर जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पूर्व मेदिनीपुर में 18.81%, बीरभूम में 19.01%, जलपाईगुड़ी में 18.50%, मुर्शिदाबाद में 18.88%, कूचबिहार में 17.56% और पश्चिम मेदिनीपुर में 20.51% मतदान हुआ। इसके अलावा बांकुड़ा में 20.20%, उत्तर दिनाजपुर में 17.54%, झाड़ग्राम में 19.94% और मालदा में 16.96% वोटिंग दर्ज की गई। दक्षिण दिनाजपुर में 18.81%, पश्चिम बर्द्धमान में 19%, पुरुलिया में 17.83%, अलीपुरद्वार में 17.70%, कालिम्पोंग में 18.74% और दार्जीलिंग में 18.80% मतदान हुआ। चुनाव आयोग का कहना है कि दिन चढ़ने के साथ वोटिंग प्रतिशत में और इजाफा हो सकता है।
हिंसा और तकनीकी गड़बड़ियों से बढ़ी परेशानी
मतदान के बीच मुर्शिदाबाद जिले से तनाव की खबर सामने आई, जहां कथित तौर पर देसी बम फेंके गए। इस घटना में कई लोग घायल हो गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। वहीं रघुनाथगंज के एक बूथ पर ईवीएम में खराबी आने की वजह से मतदान देर से शुरू हुआ। इससे मतदाताओं में नाराजगी भी देखने को मिली। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हालात को काबू में करने और मतदान प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया।
कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हजारों बूथों को संवेदनशील मानकर वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा महिलाओं द्वारा संचालित विशेष बूथ और मॉडल बूथ भी बनाए गए हैं, जिससे मतदाताओं को बेहतर और सुरक्षित अनुभव मिल सके। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि वे बिना डर के अपने मताधिकार का इस्तेमाल करें।

