
गढ़वा : गढ़वा में मिलावटी और नकली मिठाइयों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। करीब 3000 किलो खराब और नकली मिठाई जब्त की गई, जिसे बाद में जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर जमीन में दफना दिया गया। अधिकारियों ने खास तौर पर यह सुनिश्चित किया कि इन मिठाइयों का दोबारा इस्तेमाल न हो सके और न ही कोई जानवर इन्हें खा पाए। बताया जा रहा है कि मिल रही लगातार शिकायतों के आधार पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के नेतृत्व में यह छापेमारी की गई। इस अभियान में नगर परिषद की स्वच्छता टीम ने भी हिस्सा लिया। एसडीएम संजय पांडेय ने कहा कि मिठाई की हालत इतनी खराब थी कि इसे जानवर भी नहीं खा सकते थे, इसलिए इसे फेंकने के बजाय दफन करना ही बेहतर समझा गया। अब इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
होली के रंग से तैयार हो रही थी मिठाई
छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी दीपश्री श्रीवास्तव, नगर परिषद के नगर प्रबंधक और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। जांच में कई दुकानों से सड़ी-गली मिठाइयां बरामद हुईं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कुछ दुकानों में खाने वाले रंगों की जगह होली में इस्तेमाल होने वाले रंग मिलाए जा रहे थे। इतना ही नहीं, चांदी के वर्क की जगह एल्यूमिनियम वर्क का इस्तेमाल भी पाया गया, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।
औरंगाबाद-गया से हो रही थी सप्लाई
प्राथमिक जांच में यह बात भी सामने आई कि इन नकली मिठाइयों की सप्लाई औरंगाबाद और गया जैसे इलाकों से की जा रही थी। वहीं, स्थानीय स्तर पर प्लास्टिक कारोबार से जुड़े कुछ लोगों के भी इसमें शामिल होने की जानकारी मिली है। प्रशासन ने इस पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
यह पहली बार नहीं है जब गढ़वा में इस तरह की कार्रवाई हुई हो। इससे पहले अगस्त में भी एसडीएम संजय कुमार के नेतृत्व में 50 क्विंटल से ज्यादा मिठाइयां जब्त कर नष्ट की गई थीं। उस समय सभी दोषियों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इसके बावजूद, अब फिर से वही कारोबारी सक्रिय होते नजर आ रहे हैं। जिन व्यापारियों के नाम इस मामले में सामने आ रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। एसडीएम ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि सभी सैंपलों की जांच जल्द पूरी की जाए और दोषी दुकानदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ भारी जुर्माना लगाया जाए। यह अभियान बस स्टैंड और रंका मोड़ समेत कई इलाकों में चलाया गया।

