
World No Tobacco Day: आज पूरी दुनिया विश्व तंबाकू निषेध दिवस मना रही है। यह दिन तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों के प्रति जागरूक करने और लोगों को इस लत से दूर रहने का संदेश देता है।
तंबाकू आज सिर्फ युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बुजुर्गों और महिलाओं में भी इसका सेवन देखा जा रहा है। शुरुआत में यह आदत भले ही आनंद के रूप में ली जाती है, लेकिन समय के साथ यह गंभीर बीमारियों का कारण बन जाती है।
इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर की ग्लोबोकैन 2022 रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वर्ष 2022 में कैंसर के करीब 14.13 लाख नए मामले दर्ज किए गए, जबकि लगभग 9.16 लाख लोगों की मौत हुई। इनमें तंबाकू एक प्रमुख कारण माना गया है।
विशेष रूप से मुख कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2022 में भारत में 1,43,759 नए मामले सामने आए, जिनमें लगभग 79,979 लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा फेफड़ों, भोजन नली, गला और अन्य प्रकार के कैंसर के मामलों में भी तंबाकू एक बड़ा कारण बनकर सामने आया है।
विशेषज्ञों के अनुसार तंबाकू सेवन से मुंह का कम खुलना, बार-बार छाले होना, आवाज में बदलाव, लगातार खांसी और बिना कारण वजन घटना जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। समय रहते इन संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि पेसिव स्मोकिंग यानी दूसरों के धुएं के संपर्क में आना भी उतना ही खतरनाक हो सकता है। दुनिया में हर साल लाखों लोग तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के कारण अपनी जान गंवा रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू से दूरी ही सुरक्षित जीवन की कुंजी है और इस लत से बचाव के लिए जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण कदम है।

