पर्यटन से संस्कृति, अर्थव्यवस्था और विश्व बंधुत्व को मिलती है नई दिशा : संजय सर्राफ

Archana Ekka
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रांची : हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि विश्व पर्यटन दिवस प्रत्येक वर्ष 27 सितंबर को मनाया जाता है।यह दिवस पर्यटन के सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार पर्यटन दुनिया के महत्वपूर्ण आर्थिक क्षेत्रों में से एक है तथा यह रोजगार और आजीविका के साथ विभिन्न देशों एवं संस्कृतियों के बीच संपर्क बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।विश्व पर्यटन दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 1980 में हुई। 27 सितंबर की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि इसी दिन वर्ष 1970 में संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन के संविधान को अपनाया गया था, जिसे वैश्विक पर्यटन के विकास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।पर्यटन केवल देश-विदेश की यात्रा करने तक सीमित नहीं है।

यह विभिन्न सभ्यताओं, परंपराओं, भाषाओं, खान-पान, कला और सांस्कृतिक विरासत को समझने का माध्यम भी है। पर्यटन से स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, खान-पान, गाइड सेवा और छोटे व्यवसायों को रोजगार एवं आर्थिक अवसर प्राप्त होते हैं। साथ ही, ऐतिहासिक धरोहरों और प्राकृतिक स्थलों के संरक्षण में भी पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।इस दिवस का एक प्रमुख उद्देश्य सतत एवं जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना है। पर्यटन का विकास ऐसा हो, जिससे प्राकृतिक संसाधनों, जैव विविधता और स्थानीय संस्कृति को नुकसान न पहुंचे तथा स्थानीय समुदायों को उसका लाभ मिले। संयुक्त राष्ट्र पर्यटन को सतत विकास लक्ष्यों से भी जोड़ता है।भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में पर्यटन की विशेष महत्ता है।

हिमालय से समुद्र तटों तक, ऐतिहासिक स्मारकों से लेकर धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों तक भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता पर्यटकों को आकर्षित करती है। झारखंड में भी वन, जलप्रपात, धार्मिक स्थल, जनजातीय संस्कृति और प्राकृतिक संपदा पर्यटन की व्यापक संभावनाएं प्रस्तुत करती हैं। इस प्रकार विश्व पर्यटन दिवस केवल घूमने-फिरने का उत्सव नहीं, बल्कि संस्कृति के सम्मान, प्रकृति के संरक्षण, रोजगार के अवसरों, स्थानीय विकास और विश्व के लोगों के बीच आपसी समझ बढ़ाने का संदेश देने वाला महत्वपूर्ण दिवस है।

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अर्चना एक्का को पत्रकारिता का दो वर्ष का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत इंटर्नशिप से की। इस दौरान उन्होंने झारखंड उजाला, सन्मार्ग और इम्पैक्ट नेक्सस जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। इन संस्थानों में उन्होंने रिपोर्टर, एंकर और कंटेंट राइटर के रूप में कार्य करते हुए न्यूज़ रिपोर्टिंग, एंकरिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव प्राप्त किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में वह सक्रिय रूप से काम करते हुए अपने अनुभव को लगातार आगे बढ़ा रही हैं।