कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार को सौंपा ज्ञापन, कहा- एसआइआर की अवधि एक माह बढ़ायी जाए

प्रदेश कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार को ज्ञापन सौंपकर एसआइआर प्रक्रिया की अवधि एक माह बढ़ाने, सुनवाई सुचारु करने और पात्र युवाओं के नाम जोड़ने की मांग की।

News Aroma
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रांची : प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार को ज्ञापन सौंपकर मतदाता सूची के एसआइआर की अवधि एक माह बढ़ाने की अपील की है।पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, उपाध्यक्ष डॉ राजेश गुप्ता, सतीश पाल मुंजनी , महासचिव लालकिशोर नाथ शाहदेव और सूर्यकांत शुक्ला और संजय कुमार ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में कहा कि प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद जितने नोटिस जारी किए जाने थे, उनकी तुलना में अब तक हुई सुनवाई की संख्या बेहद कम है। उदाहरण के लिए, धनबाद जिले में कुल 4,45,901 नोटिस जारी किए जाने थे, किंतु ताज़ा आंकड़ों के अनुसार केवल 36,381 मामलों की ही सुनवाई पूरी हो सकी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दावा-आपत्ति और सुनवाई की समय अवधि कम से कम एक महीने बढ़ाई जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के आग्रह पर 15 अगस्त को ग्राम सभाओं में ड्राफ्ट रोल पढ़कर सुनाया गया था, इसके लिए हम आपका आभार व्यक्त करते हैं। हमारा अनुरोध है कि इस प्रक्रिया को एक बार फिर से दोहराया जाए, ताकि यदि एएसडीडीओ सूची में कोई कमी या त्रुटि रह गई हो, तो नागरिक समय पर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकें।
उन्होंने कहा कि नोटिस प्राप्त मतदाताओं को दिनभर कतार में खड़े रहने के बावजूद बिना सुनवाई के अगले दिन वापस बुला लिया जाता है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । अत: मांग की जाती है कि एक दिन में केवल उतने ही लोगों को बुलाया जाए जिनकी सुनवाई उसी दिन संभव हो सके।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा प्राप्त फॉर्म-7 की कुल संख्या तो सार्वजनिक की गई है, परंतु किस राजनीतिक दल ने कितनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं, इसका स्पष्ट ब्योरा भी जनता के समक्ष सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके या 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष के हो रहे युवाओं के नाम जोड़ने के लिए अब तक लगभग 4.39 लाख आवेदन ही प्राप्त हुए हैं, जबकि यह संख्या अनुमानतः 20 लाख से अधिक होनी चाहिए। कोई भी पात्र युवा मताधिकार से वंचित न रहे, इसके लिए फॉर्म-6 जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जानी अत्यंत आवश्यक है। पार्टी नेताओं ने कहा कि फॉर्म-7 के तहत प्राप्त सभी आवेदनों पर निर्णय लेने से पहले आवेदक और जिस व्यक्ति का नाम हटाने का प्रस्ताव है, दोनों पक्षों को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर उनका पक्ष सुना जाना अनिवार्य किया जाए।

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