काली प्रतिमा विसर्जन के दौरान आपस में भिड़ गए दो गुट, एक दर्जन से अधिक जख्मी

बताया गया कि मूर्ति विसर्जन के लिए युवकों का एक समूह जा रहा था, तब दूसरे समूह के साथ विवाद होने पर दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। पत्थरबाजी भी हुई

News Aroma Media
2 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

गोड्डा : झारखंड के गोड्डा जिले के पथरा में काली पूजा प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो गुटों के बीच हुए संघर्ष (Conflict Between Two Groups) में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए। बीच-बचाव के लिए आई पुलिस टीम पर भी इस दौरान हमला किया गया।

एक पुलिस दारोगा भी हमले में घायल हो गए। इस दौरान पुलिस की एक गाड़ी भी क्षतिग्रस्त कर दी गई। घटना बीती रात की है।

बताया गया कि मूर्ति विसर्जन के लिए युवकों का एक समूह जा रहा था, तब दूसरे समूह के साथ विवाद होने पर दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। पत्थरबाजी भी हुई। युवकों के दो गुटों के बीच दुर्गा पूजा के वक्त भी विवाद हुआ था। पुरानी रंजिश को लेकर वे एक बार फिर भिड़ गए।

निशिकांत दुबे ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया

मौके पर पहुंची पुलिस ने बीच-बचाव की कोशिश की तो उनपर भी हमला कर दिया गया। सब इंस्पेक्टर उमेश मोदी के सिर पर गहरी चोट आई है। उन्हें हॉस्पिटल में दाखिल कराया गया है। संघर्ष में घायल एक दर्जन अन्य लोगों का भी अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराया गया है।

इस घटना को लेकर गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) ने राज्य सरकार को निशाने पर लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर इस घटना के लिए निरंजन यादव को जिम्मेदार ठहराया है। उसने ही थाना प्रभारी पर हमला किया है। दुबे ने कहा है कि इस मामले में झारखंड पुलिस का मूकदर्शक बनी हुई है।

Share This Article