
Gumla : गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में सोमा मुंडा हत्याकांड से जुड़े मामले को लेकर शनिवार को भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। लाल देवब्रत नाथ शाहदेव की गिरफ्तारी के विरोध में सैकड़ों ग्रामीण एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और प्रतिवाद मार्च निकाला। ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे गलत और पक्षपातपूर्ण बताया।
पुलिस के खिलाफ जमकर लगे नारे
प्रतिवाद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। “पुलिस प्रशासन हाय-हाय”, “Khunti पुलिस होश में आओ”, “पुलिस की मनमानी नहीं चलेगी” और “राजा साहेब को रिहा करो” जैसे नारे पूरे इलाके में गूंजते रहे। ग्रामीणों का कहना था कि देवब्रत शाहदेव को गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया है।
फर्जी गिरफ्तारी का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना ठोस सबूतों के देवब्रत शाहदेव को हिरासत में लिया है। उनका कहना है कि सोमा मुंडा की हत्या में जिन लोगों की वास्तविक भूमिका है, उन्हें पकड़ने के बजाय निर्दोष व्यक्ति को फंसाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि असली दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
राजा साहेब को बताया समाजसेवी
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि राजा साहेब गरीब और असहाय लोगों की आवाज रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि जो राज परिवार मुंडा समाज को अपना बड़ा भाई मानता है, वह इस तरह की घटना कर ही नहीं सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि देवब्रत शाहदेव को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
जमीन दान का दिया गया हवाला
ग्रामीण मंगल मुंडा ने बताया कि राजा साहेब अब तक लगभग 45 हजार एकड़ जमीन दान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ तीन एकड़ जमीन के लिए हत्या करने का आरोप पूरी तरह बेबुनियाद है। उन्होंने देवब्रत शाहदेव को निर्दोष बताते हुए उनकी तुरंत रिहाई की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
वहीं मन्नू साहू ने आरोप लगाया कि खूंटी पुलिस ने साजिश के तहत देवब्रत शाहदेव को गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि अगर जल्द रिहाई नहीं हुई तो पालकोट से खूंटी तक पैदल मार्च निकाला जाएगा और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी किया जाएगा।
महिलाओं ने भी उठाई आवाज
प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी भी बड़ी संख्या में रही। महिलाओं ने कहा कि राजा साहेब ने स्कूल, कॉलेज और खेल मैदान के लिए हजारों एकड़ जमीन दान दी है। उन्होंने बताया कि राजा साहेब गरीबों के इलाज, बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी में हमेशा मदद करते रहे हैं, इसलिए वे समाज में पूजनीय हैं।

