
रांची: रेंजर आनंद कुमार की पेंशन और ग्रेच्युटी को लेकर चल रहा मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है, जिसमें रेंजर को पेंशन और ग्रेच्युटी का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था।
क्या है पूरा मामला
आनंद कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पेंशन नियमावली के नियम 43(सी) को चुनौती दी थी। उनका तर्क था कि पेंशन और ग्रेच्युटी कोई इनाम नहीं, बल्कि कर्मचारी का अधिकार है। उनका कहा कि उनके खिलाफ 2012 से विभागीय कार्यवाही लंबित है, लेकिन सरकार निर्धारित समय सीमा में उसका निपटारा नहीं कर सकी। इसके बावजूद नियम 43(सी) का सहारा लेकर उनकी पेंशन और ग्रेच्युटी रोकी गई।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान नियम 43(सी) को 2002 की नियमावली में 2018 में जोड़े जाने का हवाला देते हुए कहा कि इसे पिछली तारीख से लागू नहीं किया जा सकता। अदालत ने पेंशन और ग्रेच्युटी के भुगतान का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार की दलील
हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। सरकार का कहना है कि जब तक विभागीय कार्यवाही पूरी नहीं हो जाती, तब तक नियम 43(सी) के तहत पेंशन और ग्रेच्युटी रोकी जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई तक हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी।
अब इस मामले में अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल रेंजर आनंद कुमार की पेंशन और ग्रेच्युटी का भुगतान स्थगित रहेगा।
