भाई की हत्या मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, उम्रकैद की सजा घटाकर 7 साल की जेल

Archana Ekka
3 Min Read
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Jharkhand High Court : झारखंड हाईकोर्ट ने एक आपराधिक मामले की सुनवाई करते हुए सत्र न्यायालय के फैसले में आंशिक बदलाव किया है। अदालत ने हत्या (Murder) के दोषी की सजा कम कर दी है।

पहले आरोपी को भारतीय दंड संहिता (Indian Penal Code) की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया गया था, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे बदलकर धारा 304 (भाग-1) के तहत माना।

इसके बाद अदालत ने आरोपी को 7 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह आदेश न्यायमूर्ति रंगन मुखोपाध्याय और न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने दिया।

साक्ष्यों के आधार पर बदला गया फैसला

High Court ने मामले से जुड़े सभी सबूतों और गवाहों का ध्यान से अध्ययन किया। अदालत ने पाया कि घटना पहले से योजना बनाकर नहीं की गई थी, बल्कि अचानक हुए झगड़े के दौरान यह घटना हुई।

अदालत के अनुसार दोनों भाइयों के बीच विवाद बढ़ने पर आरोपी ने आवेश में आकर एक बार हमला कर दिया था। इसलिए अदालत ने माना कि यह मामला हत्या का नहीं बल्कि गैर-इरादतन हत्या का है।

घटना 2021 में पश्चिम सिंहभूम में हुई थी

यह मामला पश्चिम सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर थाना क्षेत्र के गुमुरिया गांव का है। जानकारी के अनुसार 9 मई 2021 की रात आरोपी लक्ष्मण दोराइबुरू अपने बड़े भाई अंकुरा दोराइबुरू के साथ एक शादी समारोह से लौट रहा था।

रास्ते में बैल बेचने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर लक्ष्मण ने चाकू से अपने भाई की पीठ पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।

ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा

मृतक की पत्नी मनीषा दोराइबुरू के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने 21 मार्च 2023 को आरोपी को धारा 302 के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

हाईकोर्ट ने जुर्माना और मुआवजा देने का दिया निर्देश

हाईकोर्ट ने सजा कम करते हुए आरोपी को 7 साल की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। साथ ही अदालत ने कहा कि जुर्माने की राशि मृतक की पत्नी और बच्चों को दी जाए।

इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी निर्देश दिया गया है कि पीड़ित परिवार को राज्य पीड़ित मुआवजा योजना के तहत उचित सहायता दिलाई जाए।

Share This Article