LPG को लेकर झारखंड में हड़कंप! कमर्शियल सिलेंडर पर लगी अघोषित रोक, होटल-रेस्टोरेंट और शादियों पर बढ़ा संकट

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच झारखंड में कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडरों की सप्लाई सीमित, रांची में बढ़ी चिंता। प्रशासन सतर्क, घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए नए निर्देश जारी।

Vinita Choubey
3 Min Read
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रांची : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत के कई हिस्सों में दिखने लगा है। इसी बीच झारखंड में भी एलपीजी को लेकर हलचल तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक 19 किलो वाले कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की सप्लाई फिलहाल सीमित कर दी गई है। हालांकि इस बारे में तेल कंपनियों की तरफ से कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन गैस एजेंसियों को मौखिक रूप से कहा गया है कि अगले निर्देश तक कॉमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति कम रखी जाए। बताया जा रहा है कि यह कदम घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए उठाया गया है, ताकि 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलिंडरों की सप्लाई प्रभावित न हो।

घरेलू उपभोक्ताओं को दी जा रही प्राथमिकता

इंडियन ऑयल के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक फिलहाल कंपनियों की कोशिश यही है कि घरों में इस्तेमाल होने वाले सिलिंडरों की उपलब्धता बनी रहे। इसलिए कॉमर्शियल गैस की सप्लाई कुछ समय के लिए सीमित की जा रही है। हालांकि अस्पतालों, स्कूल-कॉलेजों के मेस और जरूरी संस्थानों को गैस मिलती रहेगी। लेकिन होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग सर्विस और शादी-समारोह जैसे आयोजनों पर इसका असर पड़ सकता है।

ज्यादा दाम पर मिल रहे कॉमर्शियल सिलिंडर

बाजार से मिल रही जानकारी के अनुसार कुछ जगहों पर सिलिंडर पहले के मुकाबले काफी महंगा बेचा जा रहा है। ऐसे में अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में तनाव और बढ़ता है, तो कालाबाजारी की आशंका भी बढ़ सकती है। वहीं रांची में गैस सप्लाई को लेकर आ रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर एसडीओ कुमार रजत ने पेट्रोलियम कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ ऑनलाइन बैठक की। इस बैठक में तय किया गया कि दो गैस बुकिंग के बीच कम से कम 25 दिनों का अंतर होना चाहिए। साथ ही एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि बुकिंग के दो से तीन दिनों के भीतर होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए।

इसके अलावा लोगों को राहत देने के लिए पांच और दो किलो के छोटे सिलिंडर बिना बुकिंग उपलब्ध कराने का भी फैसला लिया गया है। प्रशासन ने तेल कंपनियों को टोल-फ्री नंबर जारी करने और उस पर हमेशा कर्मचारियों की तैनाती रखने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिलती रहे। फिलहाल प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और गैस वितरण व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने की कोशिश जारी है।

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