
रांची: झारखंड में राज्य बनने के बाद से पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया है , जो राज्य के पर्यावरण के लिया बेहद ही आवश्यक है। सरकार ने विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया कि विभिन्न योजनाओं के तहत पौधे लगाने पर अब तक कुल 5661.92 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। सरकार के अनुसार यह खर्च राज्य गठन के बाद से लगातार बढ़ता गया है।
लाखों हेक्टेयर क्षेत्र में लगाए गए करोड़ों पौधे
सरकार द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2000-01 से 2025-26 तक के दौरान कुल 68.16 करोड़ पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों को राज्य के लगभग 6.10 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में रोपा गया है। इससे राज्य में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
शुरुआत में कम था खर्च
बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2000-01 में झारखंड क्षेत्र में पौधारोपण पर केवल 4.63 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। उस समय झारखंड अलग राज्य नहीं बना था और यह इलाका बिहार का हिस्सा था। इसलिए उस दौर में पौधारोपण पर खर्च भी अपेक्षाकृत कम था।
राज्य बनने के बाद खर्च में हुई बढ़ोतरी
नवंबर 2000 में झारखंड राज्य बनने के बाद सरकार ने अपना पहला बजट वित्तीय वर्ष 2001-02 में पेश किया। इस वर्ष पौधारोपण पर 41.79 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जो पहले की तुलना में काफी ज्यादा था। इसके बाद लगभग हर साल इस काम पर खर्च बढ़ता गया।
वर्तमान वर्ष में भी जारी है अभियान
सरकार के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान भी पौधे लगाने का अभियान जारी है। इस साल पौधारोपण पर लगभग 734.77 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सरकार का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
