
नई दिल्ली : जम्मू और कश्मीर में मंगलवार को लंबे समय से जारी सूखे का अंत हो गया, जब कश्मीर के ऊंचे इलाकों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि उत्तरी कश्मीर में गुरेज और मध्य कश्मीर में सोनमर्ग-जोजिला मार्ग जैसे ऊंचे क्षेत्रों में रातभर हिमपात हुआ, जबकि श्रीनगर समेत घाटी के मैदानों में सुबह तक बारिश जारी रही।
इस बारिश और हिमपात ने राज्य में लंबे समय से जारी सूखे की स्थिति को समाप्त किया। इस मौसम में दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक वर्षा सामान्य से 65 प्रतिशत कम रही। इस अवधि में जम्मू और कश्मीर में मात्र 100.6 मिमी वर्षा हुई, जबकि यहां सामान्यत: वर्षा 284.9 मिमी होती है। विशेष रूप से दिसंबर में केवल 13 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य वर्षा 59.4 मिमी रहती है।
इस प्रकार 78 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज हुई। जनवरी में 73.4 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य वर्षा 95.1 मिमी थी, जिससे 23 प्रतिशत की कमी रही। फरवरी में केवल 14.2 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य वर्षा 130.4 मिमी होती है। इस प्रकार 89 प्रतिशत वर्षा की भारी कमी देखी गई। मौसम विभाग ने आगामी बुधवार तक कश्मीर में मौसम सामान्य रहने और बादल छाये रहने का अनुमान जताया है। ऊंचे इलाकों में कहीं-कहीं मध्यम बारिश या हिमपात हो सकता है। विभाग के अनुसार, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, गांदेरबल और अनंतनाग के कुछ ऊंचे हिस्सों में मध्यम हिमपात हो सकता है। इस वर्षा और हिमपात से सूखे के कारण खेतों और जल स्रोतों में हुई कमी को कुछ हद तक राहत मिल सकती है, लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि लगातार वर्षा में कमी के कारण जलस्तर और फसलों की स्थिति के कारणा अब भी निगरानी की आवश्यकता है।
