
देहरादून : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी में भगवान शिव के धाम की प्रसिद्ध आदि कैलाश यात्रा इस वर्ष आठ मई को प्रदेश के तीन स्थानों से शुरू होगी। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यात्रा की नोडल एजेंसी ‘कुमाऊं मंडल विकास निगम लिमिटेड’ (केएमवीएन) के महाप्रबंधक विजयनाथ शुक्ला ने बताया कि हल्द्वानी, टनकपुर और धारचूला से श्रद्धालुओं के कुल 15 जत्थे आदि कैलाश की यात्रा करेंगे। हल्द्वानी से होने वाली आदि कैलाश यात्रा आठ दिन की होगी जबकि टनकपुर से छह दिन और धारचूला से यात्रा पांच दिन में संपन्न होगी। यात्रा का पहला चरण 10 जून को समाप्त होगा। वर्ष 1981 में कैलाश मानसरोवर यात्रा के बहाल होने के साथ ही शुरू हुई आदि कैलाश यात्रा को 2023 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रमण से बहुत बढ़ावा मिला। अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री के आने से पहले हर साल करीब 2000 श्रद्धालु आदि कैलाश यात्रा पर आते थे जबकि 2023 में मोदी के यहां आने के बाद तीर्थयात्रियों की संख्या 28,000 पहुंच गई और पिछले साल यह आंकड़ा 36,000 को पार कर गया।
