
रांची: असम विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेजी पकड़ रही है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने प्रचार अभियान के लिए असम पहुंच चुके हैं। उनकी पहली चुनावी सभा कोकराझाड़ में आयोजित की जाएगी। इस सभा के जरिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) असम के मतदाताओं को अपनी तरफ आकर्षित करने की कोशिश करेगा। पार्टी ने इस बार असम की 21 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। हालांकि, तीन उम्मीदवारों का नामांकन रद्द होने की खबर मिली है। अपने प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उन सभी क्षेत्रों में सघन प्रचार अभियान चलाएंगे, जहां झामुमो ने उम्मीदवार दिया है। इससे चुनावी मुकाबला और भी रोचक हो गया है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, झामुमो इस बार आदिवासी और स्थानीय मुद्दों को लेकर चुनाव मैदान में उतर रही है। कोकराझाड़ और आसपास के इलाकों में आदिवासी वोटरों की अच्छी खासी संख्या है, इसलिए यहीं से प्रचार अभियान की शुरुआत की गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि झामुमो का असम में सक्रिय होना राज्य की चुनावी राजनीति में नया समीकरण खड़ा कर सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि झामुमो का यह दांव चुनावी नतीजों पर कितना असर डालता है।

