असम में बनी सरकारों ने यहां के आदिवासियों को बारी-बारी से ठगा : हेमंत सोरेन

असम दौरे पर हेमंत सोरेन का बयान, आदिवासियों के अधिकारों और पहचान की लड़ाई पर जोर, सरकारों पर ठगने का आरोप, आवास और सम्मान राशि को लेकर उठाए सवाल

Razi Ahmad
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Hemant Soren Assam visit: असम का यह चुनाव सामान्य चुनाव से बढ़कर है। यह आदिवासियों की पहचान, आवास, जमीन और अन्य अधिकारों के लिए संघर्ष की शुरुआत है। सोमवार को ये बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहीं।

वे असम में आदिवासी समुदाय के लोगों से हुई मुलाकात के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस ढंग के घरों में रहने को आदिवासी भाई-बहनों को विवश किया गया वह अक्षम्य है। यहां की सरकारों की ओर से किया गया अपराध है।

अगर झारखंड 3 कमरे का आवास अपने गरीब लोगों को दे सकता है, 50 लाख महिलाओं को 2500 रु. प्रति महीना का सम्मान राशि दे सकता है तो असम में क्यों नहीं दिया जा सकता है?

हेमंत ने कहा कि असम में अभी सरकारों ने बारी-बारी से असम के आदिवासियों को ठगने का काम किया है, उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखने का काम किया है। लेकिन अब और नहीं। अब असम के लोग अपने हक की लड़ाई लड़ेंगे।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।