
रांची : झारखंड के पूर्व विधायक और झामुमो नेता कुणाल षाडंगी ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के बेस कैंप तक सफलतापूर्वक पहुंचकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उनका यह साहसिक अभियान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गया है। यहां कुणाल षाड़ंगी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचना केवल एक ट्रैक नहीं, बल्कि धैर्य, मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास की कड़ी परीक्षा है। इस दौरान उन्हें बर्फ से ढके खतरनाक रास्तों, तेज़ बर्फीली हवाओं, अत्यधिक ठंड और कम ऑक्सीजन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर सांस लेने में कठिनाई हो रही थी और शरीर पूरी तरह थक चुका था, लेकिन लक्ष्य के प्रति दृढ़ निश्चय ने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी। कुणाल षाडंगी ने बताया कि इस यात्रा ने उन्हें यह सिखाया कि असली लड़ाई शरीर से ज्यादा मन की होती है। हर कदम पर मुश्किलें थीं, लेकिन हर चुनौती ने उन्हें और मजबूत बनाया। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि जीवन में नए अनुभवों को अपनाना चाहिए और चुनौतियों से डरने के बजाय उनका सामना करना चाहिए। उनका मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती।

