
Jharkhand Treasury Scam: झारखंड में सामने आया राजकोष घोटाला अब राज्यव्यापी रूप लेता दिख रहा है। हजारीबाग और बोकारो के बाद अब रांची और रामगढ़ में दर्ज मामलों पर भी क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) की नजर है। संकेत मिल रहे हैं कि इन मामलों की जांच भी जल्द CID अपने हाथ में ले सकती है।
एक जैसा तरीका, बड़ा नेटवर्क होने की आशंका
फिलहाल रांची और रामगढ़ में दर्ज मामलों की जांच जिला पुलिस कर रही है, लेकिन अब तक की पड़ताल में सभी जगह फर्जी निकासी का तरीका लगभग एक जैसा पाया गया है। इससे यह संदेह गहराया है कि यह किसी एक जिले तक सीमित मामला नहीं, बल्कि एक संगठित और बड़े स्तर का घोटाला हो सकता है।
रांची में 2.94 करोड़, रामगढ़ में 35 लाख की निकासी
रांची में करीब 2.94 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का मामला कोतवाली थाना में दर्ज किया गया है। यह केस कांके स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन से जुड़ा है, जहां दो कर्मचारियों—मुनिंद्र कुमार और संजीव कुमार—के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है। आरोप है कि सरकारी कोष से फर्जी तरीके से राशि निकालकर रिकॉर्ड में हेरफेर किया गया।
वहीं रामगढ़ में 35 लाख रुपये की फर्जी निकासी का मामला सामने आया है। इस मामले में भी प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
हजारीबाग-बोकारो में SIT की जांच तेज
हजारीबाग और बोकारो में पहले से ही करोड़ों रुपये की अवैध निकासी की जांच CID की विशेष जांच टीम (SIT) कर रही है। इन जिलों में जांच तेज करते हुए संदिग्धों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
राज्यव्यापी घोटाले के संकेत
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या सभी जिलों में एक ही नेटवर्क सक्रिय था। यदि यह साबित होता है, तो यह झारखंड के हाल के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक बन सकता है।
राजकोष से जुड़ा यह मामला प्रशासन और वित्तीय निगरानी तंत्र के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। अब सभी की नजर CID की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

