
Ramgarh Child Labour: रामगढ़ जिले में बाल मजदूरी को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। विभिन्न क्षेत्रों में संचालित चिमनी ईंट भट्ठों में नाबालिग बच्चों से अवैध रूप से काम कराए जाने की शिकायतें मिली हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार जिले में करीब 124 ईंट भट्ठे संचालित हो रहे हैं, जहां इस तरह की गतिविधियां जारी होने का आरोप है।
बरकाकाना, पीरी, कैथा, घाटो, परेज, लोइयो, बसंतपुर, हेसागढ़ा, मांडू और दुलमी जैसे इलाकों के कई भट्ठों में बच्चों से काम लिए जाने की बात सामने आई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि भट्ठा संचालक नाबालिग बच्चों से मजदूरी करवा रहे हैं, जो कानूनन अपराध है। केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन मुस्कान’ के तहत बच्चों को किसी भी होटल, ढाबा या अन्य कार्यस्थलों पर काम पर लगाना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद ऐसे मामले सामने आ रहे हैं।
भारत में बाल मजदूरी को गंभीर अपराध माना गया है। Child Labour (Prohibition and Regulation) Act, 1986 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इस कानून के अनुसार दोषी पाए जाने पर 6 महीने से 2 साल तक की सजा या 20 हजार से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
मामले को लेकर उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि शिकायतों की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित विभागों को कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों का रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

