

नई दिल्ली : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पांच दिवसीय हिमाचल प्रवास पूरा कर शुक्रवार को दिल्ली लौट गईं। राष्ट्रपति को शिमला के अनाडेल हेलीपैड पर उनके प्रवास के बाद गरिमामय विदाई दी गई। इस अवसर पर राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता और मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू उपस्थित रहे। पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी तथा अन्य वरिष्ठ नागरिक, पुलिस और सेना के अधिकारी भी इस मौके पर उपस्थित थे।





राष्ट्रपति ने दिल्ली रवाना होने से पहले शिमला स्थित आर्मी ट्रेनिंग कमांड का दौरा किया। उन्होंने आर्मी ट्रेनिंग कमांड (एआरटीआरएसी) के दौरे में भारतीय सेना की अभियानगत तत्परता को बढ़ाने के लिए उत्साहपूर्वक काम जारी रखने का आह्वान किया। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर ने एआरटीआरएसी के कर्मियों की उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सराहना की और उनसे अधिक उत्साह एवं जोश के साथ काम जारी रखने का आग्रह किया। एआरटीआरएसी के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने उन्हें एआरटीआरएसी के बारे में जानकारी दी।
एआरटीआरएसी मुख्यालय में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता और लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने मुर्मू का स्वागत किया। इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल शर्मा ने ड्रोन प्रशिक्षण प्रोत्साहन, विशिष्ट प्रौद्योगिकियों को आत्मसात करने के लिए उठाए गए कदमों और भारतीय सेना में डिजिटलीकरण एवं स्वचालन की दिशा में की गई पहलों पर प्रकाश डाला। राष्ट्रपति ने इस तथ्य को स्वीकार किया कि कमांड सेंटर की युद्ध अवधारणाओं को तैयार करने, भारतीय सेना के लिए संसाधन विकसित करने और मित्र विदेशी देशों तथा सहयोगी सेवाओं के साथ व्यापक जुड़ाव रखने में व्यापक भूमिका है।
