
MNREGA Scam: बिहार के गया जिले के इमामगंज प्रखंड अंतर्गत झिकटिया पंचायत में मनरेगा योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि वृक्षारोपण योजनाओं के नाम पर सरकारी राशि की निकासी कर ली गई, जबकि जमीन पर पौधारोपण का कोई प्रमाण नहीं मिला। मामले को लेकर गांव में नाराजगी है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में मनरेगा के तहत कई वृक्षारोपण योजनाएं संचालित दिखायी गईं। सरकारी दस्तावेजों में मजदूरों से काम कराए जाने और हजारों पौधे लगाने का दावा किया गया, लेकिन मौके पर न तो पेड़-पौधे दिखाई दिए और न ही किसी प्रकार का कार्य होने के संकेत मिले। आरोप है कि बिना काम कराए ही फर्जी मास्टर रोल तैयार कर सरकारी राशि का भुगतान कर दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ लोगों ने योजनाओं की स्थलीय जांच के दौरान जीपीएस लोकेशन के साथ तस्वीरें लीं, जिसमें कई जगहों पर वृक्षारोपण का कोई निशान नहीं मिला। इसके बावजूद संबंधित योजनाओं को पूर्ण दिखाकर भुगतान कर दिया गया। लोगों का आरोप है कि निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता का खुलासा हो सकता है।
जिन योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है, उनमें ग्राम करमौन में गढ़ आहर पइन के दक्षिणी छोर पर वृक्षारोपण, कन्हाई राम के घर से गोधन भारती के घर तक पइन किनारे पौधारोपण, सुरेश भूइया के घर से पूबाही आहार तक वृक्षारोपण, पटखौलिया आहार और सड़क किनारे पौधारोपण, एकंबा के चमार आहार पर वृक्षारोपण योजना तथा करोन गांव में नदी किनारे पौधारोपण योजना शामिल हैं।
मामले पर इमामगंज के कार्यक्रम पदाधिकारी रमेश कुमार ने कहा कि अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, सरकारी राशि की निकासी की समीक्षा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

