रिश्वत केस में 15 साल बाद भी ट्रायल शुरू नहीं, पूर्व BSO संतोष सिन्हा पर कार्रवाई अटकी

सोनाहातू के पूर्व BSO संतोष सिन्हा के रिश्वत मामले में 15 साल बाद भी ट्रायल शुरू नहीं हो सका, क्योंकि अभियोजन स्वीकृति अब तक अदालत में पेश नहीं हुई।

Razi Ahmad
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Bribery Case : रिश्वतखोरी के आरोपों में घिरे सोनाहातू के तत्कालीन प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (BSO) संतोष कुमार सिन्हा के खिलाफ 15 साल बाद भी मुकदमे की सुनवाई शुरू नहीं हो सकी है। रांची उपायुक्त कार्यालय से अभियोजन स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मामला अब तक लंबित पड़ा हुआ है।

मामले की सुनवाई हाल ही में एसीबी की विशेष अदालत में हुई, जहां एक बार फिर फाइल खोली गई लेकिन अभियोजन स्वीकृति प्रस्तुत नहीं होने के कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 जून की तारीख निर्धारित की है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि अब तक अभियोजन स्वीकृति आदेश उपलब्ध नहीं कराया गया है, जिसकी वजह से मुकदमे की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। बताया जा रहा है कि इस मामले में अब तक करीब 85 तारीखों पर सुनवाई हो चुकी है, लेकिन ट्रायल शुरू नहीं हो पाया।

एसीबी की विशेष अदालत ने विशेष लोक अभियोजक को आवश्यक कदम उठाकर जल्द से जल्द अभियोजन स्वीकृति आदेश उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, ताकि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू हो सके।

गौरतलब है कि यह रिश्वत कांड वर्ष 2011 का है। आरोप है कि 9 मार्च 2011 को वृद्धा पेंशन वितरण के दौरान तत्कालीन बीएसओ संतोष कुमार सिन्हा ने कथित तौर पर दलाल जगन्नाथ मछुआ के माध्यम से लाभुकों से 50-50 रुपये रिश्वत वसूली थी। गिरफ्तारी के समय उनके बैग से 8,249 रुपये नकद बरामद किए गए थे। अब 15 साल बाद भी मुकदमे की शुरुआत नहीं होना न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर रहा है।

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रजी अहमद एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग दो वर्षों का अनुभव है। उन्होंने न्यूज़ अरोमा में काम करते हुए विभिन्न विषयों पर लेखन किया और अपनी लेखन शैली को मजबूत बनाया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग, न्यूज़ लेखन और मीडिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं में अच्छा अनुभव हासिल किया। वह लगातार सीखते हुए अपने करियर को आगे बढ़ा रहे हैं।