
Godda Gangrape Case : झारखंड के गोड्डा जिले में नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने छह दोषियों को प्राकृतिक जीवन तक आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही सभी दोषियों पर 20-20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
स्पेशल पॉक्सो कोर्ट सह डीजे प्रथम कुमार पवन की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद रमेश हेम्ब्रम, जीतेन्द्र बासकी, प्रकाश हांसदा, जीतेन्द्र हांसदा, बाबुराम बासकी और एलबीनोस हेम्ब्रम को दोषी करार दिया। सभी आरोपी पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र के दादुघुटु गांव के निवासी बताए गए हैं।
मामला साहेबगंज जिले के रांगा थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराए गए आवेदन के अनुसार, नाबालिग लड़की की मोबाइल फोन के जरिए एक युवक से पहचान हुई थी। बाद में मिलने के बहाने उसे गोड्डा बुलाया गया, जहां कथित तौर पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना हुई। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान अदालत में 10 गवाहों की गवाही हुई। गवाहों के बयान, जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(2) के तहत दोषी पाया।
अदालत ने पीड़िता के आर्थिक पुनर्वास और सहायता सुनिश्चित करने के लिए फैसले की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) को भेजने का निर्देश भी दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध अत्यंत गंभीर हैं और ऐसे मामलों में कठोर सजा आवश्यक है।

