
DC Surprise Inspection: रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने शुक्रवार शाम समाहरणालय परिसर के विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों और कर्मियों को अनुशासन तथा कार्यसंस्कृति को लेकर सख्त संदेश दिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति, पहचान पत्र, सुरक्षा व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं का जायजा लिया।
करीब साढ़े चार बजे शुरू हुए निरीक्षण में डीसी ने अलग-अलग विभागों में कर्मियों और अधिकारियों की उपस्थिति की जांच की। अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों के अवकाश आवेदन की भी पड़ताल की गई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यालयों में समयबद्ध उपस्थिति और अनुशासन प्रशासनिक व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने सभी कर्मचारियों के टेबल पर नेम प्लेट और पहचान पत्र पहनने की अनिवार्यता पर जोर दिया। पंचायती राज कार्यालय में एक लिपिक के बिना आईडी कार्ड पाए जाने पर संबंधित कर्मी को शोकॉज नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया। डीसी ने कहा कि आम लोगों को कार्यालय में संबंधित कर्मचारी की पहचान करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर्मियों के कार्यों की भी समीक्षा की गई। डीसी ने संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया कि ऐसे कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण और कार्य की समुचित जानकारी दी जाए, ताकि वे अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
समाहरणालय भवन में सुरक्षा मानकों की जांच करते हुए उपायुक्त ने विभिन्न मंजिलों पर लगे अग्निशामक यंत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी फ्लोर पर फायर सेफ्टी उपकरण कार्यशील अवस्था में उपलब्ध रहें और सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
इसके अलावा डीसी ने भवन की छत और जल निकासी व्यवस्था का भी जायजा लिया। बरसात को देखते हुए उन्होंने जलजमाव रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। साथ ही चौकीदारों को 24 घंटे समाहरणालय परिसर की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान एक कुष्ठ पीड़ित व्यक्ति ने निर्मल आवास परिसर में पानी की समस्या की जानकारी डीसी को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मंजूनाथ भजन्त्री ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को वहां बोरिंग कराने का निर्देश दिया, जिससे प्रभावित लोगों को राहत मिल सके।

